अग्रसेन जी बोले गौसेवा, कृषि, वाणिज्य,उद्योग अग्रवंशी करेंगे  महाराज अग्रसेन जी की 5180 वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में विशेष लेख 

अग्रसेन जी बोले गौसेवा, कृषि, वाणिज्य,उद्योग अग्रवंशी करेंगे

महाराज अग्रसेन जी की 5180 वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में विशेष लेख

नन्द किशोर जोशी, एक्जिक्यूटिव एडिटर, क्रांति ओडिशा मीडिया

तीसरी, अंतिम कड़ी

 

आज महाराज अग्रसेन जी की 5180 वीं जयंती है। महाराज अग्रसेन जी की जयंती मनाई जारही है भारत समेत पूरे विश्व में हर्षोल्लास के साथ। महाराज अग्रसेन जी ने 5160 साल पहले समाज से रुढ़िवाद को खत्म करने के लिए अहम् भूमिका निभाई।

 

अग्रसेन का नाग कन्या माधवी से विवाह हुआ।माधवी के आने से सौभाग्य आया।माधवी आयी मां आयी। क्षत्रिय राजा पशु बलि देता है।पशु बलि देने से स्वर्ग मिलता है, अग्रसेन बोले मुझे मंजूर नहीं।पशु बलि अर्थात क्षत्रिय धर्म त्यागे और वैश्य धर्म अपनाये,अश्व वध नहीं किए,बोले मेरे वंश के लोगों को धर्म मिल जाए, अग्रवंशी ऐसा ही कर रहे हैं। गौसेवा, कृषि, वाणिज्य,उद्योग अग्रवंशी करेंगे,ऐसा अग्रसेन जी बोले।

 

गौसेवा से वैश्य समाज, मारवाड़ी समाज शुरु से ही जुड़ा हुआ है ,तब से। अग्रसेन जी बोले कि हमें धन कमाना है।सीईओ मतलब मालिक, कर्मचारी टू इन वन।आज कंपनियों में सीईओ हुआ करते हैं।वे कंपनी से तनख्वाह लेते हैं, मालिक होते हुए भी।

 

भगवान कहते हैं कि तुम्हारी फकीरी से लेना-देना है। ऋषियों के आश्रम में 18 पुत्रों को भेजे तो गौत्र मिल गये।एक पुत्री भी थीं महाराज अग्रसेन जी को।

 

महाराज अग्रसेन जी ने घोषणा की कि आज के बाद जब भी कोई नया आदमी अग्रोहा आये तो सब एक रुपया,एक इंट देंगे।सभी ने दिया।108 साल महाराज अग्रसेन जी ने शासन किया। अग्रोहा श्राप होने पर भस्म होगया। तत्पश्चात अग्रवाल सारी दुनिया में फैल गये। दुनिया में दामोदर और दान करते हैं, दामोदर बैठे रहें,दान करे सब काम।

 

संस्कार घर में ही मिलेगा, चरित्र घर में ही मिलेगा। महाराज अग्रसेन जी के जीवन में अनेक उतार चढ़ाव आये, टर्निंग पॉइंट आये , लेकिन वे उदास कभी नहीं हुए।सभी को महाराज अग्रसेन जी की 5180 वीं जयंती समारोह पर बहुत -बहुत बधाई, शुभकामनाएं।

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