पुराने सामान को नया जीवन देकर जरूरतमंदों तक पहुँचाने की अनूठी पहल
कटक, समाजसेवा और मानवता की भावना को साकार करने वाली एक अनूठी पहल के रूप में आज तेरापंथ भवन कटक में ‘मिशन पुनर्जन्म – उम्मीदों की डोर’ के नए नाम का अनावरण किया गया। इस अवसर पर कटक मारवाड़ी समाज के अध्यक्ष श्री संजय शर्मा, गीता ज्ञान मंदिर के अध्यक्ष श्री विजय खंडेलवाल, मातृशक्ति कटक की अध्यक्षा श्रीमती संपति मोड़ा, तेरापंथ भवन समिति के अध्यक्ष श्री चेनरूप जी चोरडिया, तेरापंथ सभा के अध्यक्ष श्री मुकेश जी सेठिया , सभा के संरक्षक श्री मोहनलाल जी सिंघी, तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती सुनीता जी बैंगानी ,मारवाड़ी महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती मधु जी अग्रवाल, अणुव्रत समिति के अध्यक्ष श्री संतोष जी सिंघी, अनुविभा कार्यकारिणी सदस्य श्री मुकेश जी डूंगरवाल, अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला समिति उड़ीसा अंचल प्रमुखा श्रीमती प्रतिभा सिंघी एवं श्रीमती इंदिरा जी लूणिया, श्री पानमल जी नाहटा सहित समाज के अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने इस नेक पहल को अपना आशीर्वाद एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं।

इस मिशन की शुरुआत पिछले वर्ष श्रीमती किरण बेंगानी एवं कल्पना जैन द्वारा ‘एक दिवाली ऐसी भी’ नाम से की गई थी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिवाली की सफाई के दौरान घरों से निकलने वाले पुराने एवं अनुपयोगी समझे जाने वाले सामान को एकत्रित कर उसे नया रूप देना और जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचाना है।
इस अभियान के अंतर्गत पुराने कपड़ों, बर्तनों, खिलौनों, पुस्तकों तथा अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुओं को उनकी उपयोगिता के अनुसार व्यवस्थित एवं पुनः उपयोग योग्य बनाकर जरूरतमंद लोगों तक पहुँचाया जाता है। इस प्रकार जो सामान किसी घर में अनुपयोगी पड़ा रहता है, वही किसी दूसरे परिवार के लिए खुशियों और जरूरतों को पूरा करने का माध्यम बन जाता है।

पिछले वर्ष ‘एक दिवाली ऐसी भी’ के अंतर्गत 50 से अधिक सफल कार्यों के अनुभव और समाज से मिले सकारात्मक सहयोग के बाद इस वर्ष इस पहल को नया। स्वरूप प्रदान करते हुए ‘मिशन पुनर्जन्म – उम्मीदों की डोर’ नाम से नई पहचान दी गई है। इस नाम का उद्देश्य पुरानी वस्तुओं को नया जीवन देने के साथ-साथ जरूरतमंदों के जीवन में आशा, सम्मान और खुशियों का संचार करना है।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि समाज में इस प्रकार की पहल की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने किरण बेंगानी एवं कल्पना जैन के सेवा-भाव की प्रशंसा की तथा आश्वासन दिया कि इस नेक कार्य को आगे बढ़ाने में समाज का पूरा सहयोग और समर्थन मिलता रहेगा।
‘मिशन पुनर्जन्म – उम्मीदों की डोर’ केवल पुराने सामान को नया रूप देने का अभियान नहीं, बल्कि संसाधनों के सदुपयोग, जरूरतमंदों की सहायता और समाज में संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करने का एक सार्थक प्रयास है। यह पहल संदेश देती है कि जो वस्तु एक व्यक्ति के लिए अनुपयोगी है, वही किसी दूसरे के लिए अनमोल हो सकती है। आज इस शुभारंभ में पहले प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई, जिसके तहत एक गरीब लड़की को शादी का पूरा सामान सभी उपस्थित महानुभावों के हाथों द्वारा मां बेटी को भेंट किया गया।
इस नई शुरुआत से कटक में समाजसेवा की एक नई उम्मीद जगी है। सभी ने दोनों पहलकर्ताओं को इस पुनीत कार्य को निरंतर आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुँचाने के लिए शुभकामनाएँ दीं।
इस कार्यक्रम का सफल संचालन श्री राकेश जी सिंघी ने किया, और आश्वासन दिया कि इस प्रोजेक्ट में सदैव साथ रहेंगे।

