भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन ने देश में तोड़ फोड़ प्रभावित परिवारों के हित में भेजा विस्तृत ज्ञापन
नई दिल्ली। राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोहन गिरी ने भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। इस अवसर पर संगठन द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय को एक विस्तृत ज्ञापन भेजकर देशभर में अतिक्रमण हटाने, अवैध निर्माणों पर कार्रवाई, सड़क चौड़ीकरण तथा विकास परियोजनाओं के कारण प्रभावित हो रहे परिवारों की चिंताओं और जनभावनाओं को भी अवगत कराया गया है।
संगठन ने अपने ज्ञापन में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, सांस्कृतिक गौरव और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। जनता का विश्वास और समर्थन ही उन्हें भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में यह विशिष्ट स्थान दिलाने का आधार बना है।
ज्ञापन में कहा गया है कि कानून का पालन, न्यायालयों के आदेशों का सम्मान तथा नए अवैध निर्माणों पर रोक आवश्यक है और राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन इसका पूर्ण समर्थन करता है। किंतु वर्षों से बसे हुए लाखों परिवारों की पीड़ा और मानवीय पक्ष को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। अनेक परिवारों ने अपनी जीवनभर की कमाई, बचत, बैंक ऋण तथा भविष्य निधि लगाकर घर खरीदे या बनाए हैं और आज वे बेघर होने की आशंका से जूझ रहे हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सोहन गिरी ने कहा कि केवल अंतिम खरीदार या निवासी को ही दंडित करना न्यायोचित नहीं माना जा सकता। अवैध कॉलोनियां विकसित करने वाले, नियमों के विपरीत भूखंड बेचने वाले, जनता को भ्रमित करने वाले तथा प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बरतने वाले वास्तविक दोषियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।
संगठन ने प्रधानमंत्री से निम्न प्रमुख मांगें की हैं—
1. वर्षों से बसे परिवारों के लिए विशेष नियमितीकरण नीति बनाई जाए।
2. ध्वस्तीकरण से पूर्व पुनर्वास अथवा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
3. पुराने मामलों में मानवीय एवं समाधान आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाए।
4. नए अवैध निर्माणों पर प्रभावी रोक हेतु कठोर कानून बनाया जाए।
5. अवैध कॉलोनियों से लाभ कमाने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं पर कार्रवाई की जाए।
6. गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए राष्ट्रीय पुनर्वास नीति बनाई जाए।
7. विकास परियोजनाओं के साथ मानवीय संवेदनाओं को भी समान महत्व दिया जाए।
8. सद्भावना में संपत्ति खरीदने वाले परिवारों के लिए राहत एवं कानूनी सहायता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि प्रधानमंत्री करोड़ों प्रभावित परिवारों की भावनाओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेंगे तथा ऐसा संतुलित समाधान सुनिश्चित करेंगे जिससे कानून का सम्मान भी बना रहे और आम नागरिक का विश्वास भी मजबूत हो।
उक्त ज्ञापन की प्रतिलिपि सभी राज्यों के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी प्रेषित की गई है।

