प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल के चहुंमुखी विकास के लिए कृषि व ग्रामीण विकास मंत्रालय समर्पित

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आज कृषि भवन, नई दिल्ली में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी ने मुलाकात की। बैठक में कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम बंगाल के ग्रामीण विकास और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने जून 2026 के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत पश्चिम बंगाल को 153 लाख मानव-दिवस का श्रम बजट स्वीकृत किया है। यह स्वीकृति राज्य सरकार के अनुरोध तथा योजना के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक तैयारियों में हुई प्रगति को ध्यान में रखते हुए प्रदान की गई है।

इससे राज्य में पर्याप्त संख्या में कार्य प्रारंभ किए जा सकेंगे तथा रोजगार की मांग करने वाले ग्रामीण परिवारों को समय पर काम उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे पात्र ग्रामीण श्रमिकों को मजदूरी आधारित रोजगार निरंतर मिलता रहेगा।

बैठक में यह भी बताया गया कि 1 जुलाई 2026 से “विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)” [VB-G RAM G] अधिनियम, 2025 लागू होने जा रहा है। यह नया ढांचा ग्रामीण आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने तथा टिकाऊ एवं उत्पादक ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्रालय ने नए ढांचे के सुचारु क्रियान्वयन के लिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा की गई तैयारियों और प्रयासों की सराहना की।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत पश्चिम बंगाल में अब तक कुल 7,769 सड़कें (40,910 किलोमीटर) और 61 पुल स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 7,395 सड़कें (38,970 किलोमीटर) तथा 54 पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 374 सड़कें (1,579 किलोमीटर) और 6 पुलों पर कार्य प्रगति पर है।

वर्ष 2026-27 में PMGSY-IV के प्रथम चरण के अंतर्गत केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के लिए 432 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 759.933 किलोमीटर है तथा इन पर 663.09 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इन सड़कों से पहली बार 535 असंबद्ध बस्तियों को सड़क संपर्क उपलब्ध होगा।

इसके अतिरिक्त PMGSY-IV के दूसरे चरण में 6 सड़कों से जुड़े 6 पुलों के निर्माण के लिए 49.24 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं जिससे 14 और बस्तियों को पहली बार संपर्क सुविधा प्राप्त होगी। वहीं PMGSY-III के तहत 39 पुलों के निर्माण के लिए 300.83 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल के लिए स्वीकृत नई सड़क एवं पुल परियोजनाओं की लागत 1,013.16 करोड़ रुपये है, जिससे ग्रामीण संपर्क और आधारभूत संरचना को महत्वपूर्ण मजबूती मिलेगी।

बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को पश्चिम बंगाल में पुनः लागू करने, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर एवं फार्मर आईडी कार्यक्रम को शुरू करने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभ किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर भी सहमति बनी।

श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में पश्चिम बंगाल में अपार संभावनाएं हैं। केंद्र सरकार राज्य के साथ मिलकर कृषि रोडमैप तैयार करेगी तथा किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, बागवानी, जूट, आलू एवं अन्य फसलों के विकास के लिए विशेष प्रयास करेगी।

मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी ने केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार कृषि एवं ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को पश्चिम बंगाल का दौरा कर किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन करने का आमंत्रण भी दिया।

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