माउंट आबू की आशा दीदी ने दिया कर्मयोग का संदेश, पूर्व मुख्य सचिव विजय कुमार पटनायक और कुलपति प्रो. डॉ. शिवराम त्रिपाठी रहे उपस्थित
कटक, 24 अक्टूबर। प्रशासन में उत्कृष्टता, सुशासन और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कटक स्थित ब्रह्माकुमारी केंद्र, झांझरीमंगला में ‘कर्मयोग : प्रशासन में उत्कृष्टता’ विषय पर सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में माउंट आबू से आईं आशा दीदी ने कर्मयोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्ठा, अनुशासन, सकारात्मक सोच और समर्पण के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करने का संदेश दिया।
इस कार्यक्रम में ओडिशा के पूर्व मुख्य सचिव विजय कुमार पटनायक विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं मधुसूदन लॉ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. शिवराम त्रिपाठी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।इस सम्मेलन में प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नैतिकता, पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसेवा की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया गया। उपस्थित विशिष्ट वक्ताओं ने भी अपने वक्तव्य में कहा कि कर्मयोग केवल कार्य करने की पद्धति नहीं, बल्कि कर्तव्य के प्रति निष्ठा और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की जीवनशैली है।
इस अवसर पर सकारात्मक सोच, आत्मिक संतुलन और मूल्य आधारित निर्णयों के महत्व पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि जब व्यक्ति अपने कार्य को सेवा का माध्यम मानकर ईमानदारी और समर्पण के साथ करता है, तो इससे संस्थागत कार्यक्षमता बढ़ती है और लोगों का विश्वास मजबूत होता है।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आध्यात्मिक मूल्यों और व्यावहारिक प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित कर जिम्मेदार और जनहितकारी कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देना था। इस कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि नैतिकता, कर्तव्यनिष्ठा और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता ही उत्कृष्ट प्रशासन की वास्तविक पहचान है।

