*नई दिल्ली* : यूट्यूबर ध्रुव राठी द्वारा प्रसारित किए गए विवादित वीडियो “क्या हिंदू बीफ खाते हैं?” (“Can Hindus Eat Beef?”) के माध्यम से सनातन हिन्दू धर्म, हिन्दू धर्मग्रंथों तथा प्रभु श्रीराम, माता सीता और भगवान श्रीकृष्ण का घोर विडंबन एवं अपमान किया गया है। माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी यह स्पष्ट रूप से माना है कि इस वीडियो से सनातनियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। न्यायालय के इसी महत्वपूर्ण निर्देश के आधार पर दिल्ली पुलिस को इस मामले में ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ (ATR) प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही, भारत सरकार की ग्रीवेंस कमेटी (GAC) के निर्देशों के बाद इस आपत्तिजनक वीडियो को यूट्यूब (YouTube) से भारत में हटाया भी जा चुका है।

इस गंभीर प्रकरण को लेकर हिन्दू जनजागृति समिति ने दिल्ली पुलिस के आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार दोषी ध्रुव राठी पर तत्काल आपराधिक मामला (FIR) दर्ज किया जाए, उसे तुरंत हिरासत में लिया जाए और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
इसके अतिरिक्त, समिति ने ध्रुव राठी के एक अन्य विवादित वीडियो “Kerala Story 2 Exposed” का भी कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समिति का कहना है कि इस वीडियो के माध्यम से भी समाज में वैमनस्य फैलाने वाले और हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले आक्षेप किए गए हैं, जिस पर प्रशासन को निष्पक्ष जांच कर उचित कदम उठाने चाहिए।
हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रमेश शिंदे ने कहा कि, “धार्मिक आस्थाओं और सनातन संस्कृति के आराध्यों का अपमान किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा। माननीय न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप दिल्ली पुलिस इस मामले में त्वरित कार्रवाई करे।”

