हिन्दू जनजागृती समिति का रजत जयंती वर्ष में प्रवेश; कतरास (धनबाद) में ली गई ‘हिन्दू राष्ट्र स्थापना’ की प्रतिज्ञा 

कतरास (धनबाद) – घटस्थापना के शुभ मुहूर्त पर हिन्दू जनजागृती समिति ने २४ वर्ष पूर्ण कर २५वें (रजत जयंती) वर्ष में प्रवेश किया है। हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के ध्येय से प्रेरित होकर कार्यरत समिति की ओर से इस रजत जयंती वर्ष के अवसर पर देशभर में विशेष कार्यक्रम और अभियान चलाए जा रहे हैं। जिस प्रकार छत्रपति शिवाजी महाराज ने रायरेश्वर मंदिर में ‘हिन्दवी स्वराज्य’ की प्रतिज्ञा ली थी, उसी प्रेरणादायी तर्ज़ पर आज कतरास क्षेत्र के रानी सती दादी मंदिर में हिन्दूनिष्ठों, धर्मप्रेमियों और समाज के बंधुओं ने संगठित होकर ‘हिन्दू राष्ट्र की स्थापना’ की ऐतिहासिक प्रतिज्ञा ली।

इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण एवं रानी सती दादी देवी के चरणों में प्रार्थना कर भारत देश को पुनः ‘धर्माधिष्ठित हिन्दू राष्ट्र’ अर्थात् रामराज्य बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित करने का दृढ़ संकल्प लिया गया। इस प्रतिज्ञा के माध्यम से सनातन हिन्दू धर्म पर अटूट श्रद्धा रखने, हिन्दू संस्कृति का संवर्धन करने, तथा मंदिरों, गौमाता और महिलाओं की प्राणपण से रक्षा करने की शपथ ली गई। इसके साथ ही आक्रांताओं द्वारा नष्ट किए गए मंदिरों का जीर्णोद्धार करने और छत्रपति शिवाजी महाराज की भाँति ‘शक्ति की उपासना’ करके हिन्दू राष्ट्र के लिए तन-मन-धन त्यागने के लिए सभी ने अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई। “अब एक ही लक्ष्य, एक ही ध्येय, हिन्दू राष्ट्र ! जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम् ।।” के नारों से इस समय हिन्दू राष्ट्र का शंखनाद किया गया।

इस विशेष प्रतिज्ञा समारोह में यहां के प्रसिद्ध उद्यमी एवं सनातन संस्था के धर्म प्रचारक पूज्य प्रदीप खेमका जी की वंदनीय उपस्थिति रही। इस अवसर पर सरजू केशरी, विनोद जालान, डॉ बी एन सिंह, समरपाल सिंह, प्रभात वर्मा, राजेश केडिया, अशोक चौधरी, अशोक पासवान, राजू चौधरी, रमेश केडिया, प्रदीप खेतान, अधिवक्ता संजय अग्रवाल एवं समिति के पूर्व – पूर्वोत्तर भारत राज्य समन्वयक शंभू गवारे तथा अन्य हिन्दूनिष्ठ, धर्मप्रेमी एवं समाज के अन्य गणमान्य व्यक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

समिति के इस रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में प्रारंभ हुए इस राष्ट्रकार्य और आगामी धर्मकार्य में सभी धर्मप्रेमी नागरिक बड़ी संख्या में सहभागी हों, ऐसा आह्वान हिन्दू जनजागृती समिति की ओर से किया गया है।

 

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