देहरादून (उत्तराखंड): देवभूमि देहरादून स्थित लोक भवन में महावीरायतन फाउंडेशन संस्थापक स्वामी देवेंद्र ब्रह्मचारी जी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम ‘संवाद से समाधान’ के भव्य आयोजन के दौरान अंत में ‘राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन’ के संस्थापक अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के समन्वयक सोहन गिरी जी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में उत्तराखंड के शिक्षा एवं कैबिनेट मंत्री,डॉ. धन सिंह रावत तथा महावीरायतन फाउंडेशन के संस्थापक स्वामी देवेंद्र ब्रह्मचारी जी ने सोहन गिरी जी को उनकी उत्कृष्ट भूमिका, कुशल प्रबंधन एवं राष्ट्रहित में समर्पण के लिए ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।

भगवान महावीर के शाश्वत सिद्धांतों ‘जियो और जीने दो’ तथा ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ पर आधारित इस गरिमामयी राष्ट्रीय आयोजन में राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता, शिक्षा, संस्कृति, नैतिक मूल्यों और मानवीय चेतना जैसे अति-महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने अपने संबोधन में कहा कि “स्वस्थ संवाद ही समाज और राष्ट्र की जटिल समस्याओं के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम है।”
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत: विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित शिक्षा मंत्री ने कहा कि “शिक्षा, संस्कार और सकारात्मक संवाद ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।”
महंत श्री लोकेश दास जी महाराज: उन्होंने कहा कि “संवाद, सद्भाव और सेवा के माध्यम से ही समाज में स्थायी शांति और समरसता स्थापित की जा सकती है।”
स्वामी देवेंद्र ब्रह्मचारी जी: संस्था के संस्थापक ने कहा कि “संवाद से समाधान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज, राष्ट्र और मानवता को जोड़ने वाला एक निरंतर चलने वाला राष्ट्रीय अभियान है।”
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान महावीर के चित्र का अनावरण एवं चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात ‘द लक्ष्य पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बाढ़वाला’ के विद्यार्थियों द्वारा भारतीय संस्कृति पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं।
इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए अधिवक्ता आनंद प्रकाश यादव, प्रख्यात साहित्यकार डॉ. प्रभाकीरण जैन, पीयूष जैन, संदीप जैन तथा सीओईआर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष इंजीनियर जे. सी. जैन को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में देशभर से पधारे संत-महात्माओं, ब्रह्मकुमारी संस्था, बौद्ध लामा, सिख समुदाय के प्रतिनिधि, न्यायविदों, शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। मंच का सफल संचालन अक्षता जैन ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम के समन्वयक सोहन गिरी जी ने प्रस्तुत किया।गिरी जी ने महावीरायतन फाउंडेशन की ओर से सभी का हृदय से अभिनंदन एवं धन्यवाद किया ।
उन्होंने कहा “संवाद से समाधान” कार्यक्रम केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भगवान महावीर के शाश्वत संदेश “जियो और जीने दो” तथा “वसुधैव कुटुम्बकम्” को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने का एक सशक्त प्रयास है।
संवाद से समाधान कार्यक्रम से हम सभी आज यह संकल्प लें कि संवाद को ही समाधान का सर्वोत्तम मार्ग बनाएँगे तथा भगवान महावीर के करुणा, अहिंसा, सह-अस्तित्व और समरसता के संदेश को अपने जीवन में अपनाते हुए “एक भारत – समरस भारत – सशक्त भारत” के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएँगे।गिरी जी द्वारा लगाए गए नारों भारत माता की जय, वंदे मातरम, जय हिंद से लोक भवन का प्रांगण क्रांतिमय जोश से भरा हो गया.

