जयदेव भवन में जुटेंगे 100 से अधिक साहित्यकार, 12 से ज्यादा भाषाओं में होगा काव्य पाठ
भुवनेश्वर, राजधानी में दो दिवसीय राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा । यह कार्यक्रम 26-27 सितंबर को जयदेव भवन में आयोजित होगा ।श्रीक्षेत्र राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव का पांचवां संस्करण आयोजित किया जाएगा । इस दो दिवसीय महोत्सव में देशभर के करीब 100 से अधिक कवि, साहित्यकार, कथाकार और अनुवादक शामिल होंगे।
इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण बहुभाषी कवि सम्मेलन होगा, जिसमें 12 से अधिक भारतीय भाषाओं और जनजातीय बोलियों के रचनाकार अपनी मातृभाषा में काव्य पाठ करेंगे। ‘भाषाएं अनेक, संवेदना एक’ की थीम के साथ आयोजन का उद्देश्य मातृभाषाओं के संरक्षण और क्षेत्रीय साहित्य को राष्ट्रीय मंच देना है। इसके उद्घाटन सत्र में ‘शब्दब्रह्म’ के विशेषांक और ‘बतायन’ पत्रिका का लोकार्पण होगा। साथ ही विभिन्न भारतीय भाषाओं की चुनिंदा कृतियों के अनुवाद संग्रह भी जारी किया जाएगा ।
इस महोत्सव में मुख्य रूप में पद्मश्री देवी प्रसन्न पटनायक, अश्विनी कुमार, सुबोध सरकार, नरेंद्र पुण्डरीक, सुरेंद्र नागराज, प्रफुल्ल कुमार महांती, अमृत ऋतुराज और विक्रमादित्य सिंह समेत कई प्रमुख साहित्यकारों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के शामिल होने की संभावना है।
इस आयोजन की तैयारियों लगभग पूरी कर ली गई हैं । इस कार्यक्रम को निदेशक डॉ. फनी महांती, सचिव डॉ. सत्यव्रत जेना और सचिव प्रणव कुमार छोटराय के नेतृत्व में किया जा रहा है ।

