कल सनसाईन फिल्ड में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा यज्ञ में अद्भुत,विरल संयोग रहा। व्यासपीठ पर विराजमान थे पूज्य इंद्रेश जी महाराज।कथा चल रही थी।ठीक उसी समय पंडाल पर पधारे इंद्रेश जी महाराज के शिक्षा गुरु, आध्यात्मिक गुरु एवं पिताश्री ठाकुरजी महाराज।

दोनों पिता पुत्र की जोड़ी और गुरु शिष्य की जोड़ी को एक साथ पंडाल में देखकर भक्त गण भाव विभोर हो गये। आध्यात्मिक वातावरण में चौतरफा बढ़ोतरी महसूस की गयी। गुरुदेव भगवान ने कहा कि कृष्णं वंदे जगदगुरुम, तस्मै श्री गुरुवे नमः। परमात्मा 24 घंटे ओनलाइन रहते हैं। उसके कंप्यूटर में सबकुछ फीड है।ऐसा आशीर्वचन कल भक्तों को सुनने को मिला।

दृढ़ विश्वास के बिना भक्ति और भगवत प्राप्ति संभव नहीं है। परमात्मा की उपस्थिति सर्वत्र है। गुप्ता परिवार, एसजिबिएल ग्रुप की तरफ से श्रीमद्भागवत महापुराण कथा यज्ञ के समापन पर ऐसा विचार ठाकुरजी महाराज ने प्रगट किया।

उल्लेखनीय है कि गुप्ता परिवार के शंकर गुप्ता और धर्मात्मा देवकीनन्दन जोशी के अनुरोध स्वरूप ठाकुरजी महाराज वृंदावन से आकर यहां आध्यात्मिक, धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे।


