हनुमानजी का हर कृत्य प्रशंसनीय है -श्रीहनुमान चालीसा प्रबंधन के सूत्र से -कथा वाचक पंडित विजय शंकर मेहता 

कटक,आज सोंथालिया परिवार द्वारा शहीद भवन में आयोजित हमारे हनुमान कार्यक्रम,चार कदम शांति की ओर के कार्यक्रम का तीसरा दिन रहा।आज का विषय रहा श्री हनुमान चालीसा -प्रबंधन के सूत्र।आज भी शहीद भवन भक्तों से खचाखच भरा हुआ था।

कथा व्यास पंडित विजय शंकर मेहता ने सरल,सहज भाषा में हनुमानजी की महिमा का विस्तार से वर्णन किया।वे बोले कि गोस्वामी तुलसीदास ने बचपन में हनुमान चालीसा लिखी थी।किसी का दुख बांटना,दर्द मिटाना आसान काम नहीं है। भगवान की कृपा सब पर समान रूप से बरसती है। भगवान भरोसे का दूसरा नाम है। सुबह और रात दो समय हनुमान चालीसा सांस के साथ बोलिए। हनुमान चालीसा के प्रत्येक शब्द में हनुमानजी उतरे हैं। हनुमान चालीसा में 43 पद हैं।

2024 में दुनिया में सर्वाधिक सुने जाने वाला यूट्यूब में हनुमान चालीसा है। भगवान स्वभाव से मिलते हैं,आदत से नहीं।यशगान जब किसी का करते हैं, उसके गुण आप में उतरते हैं। श्रीगुरू चरण सरोज रज, निज मनु मुकुरू सुधारि का मतलब गुरु के पांव की धूल से मन रुपी दर्पण दुर्गुणों को साफ करता है।

किसी के जीवन में गुरु न हो तो हनुमानजी को गुरु बनायें।मन रुपी दर्पण में दुर्गुणों की धूल जमी है। हनुमानजी की भक्ति से यह धूल मिट जाती है।मन को नियंत्रित रखिए, नहीं तो जीवन का खेल बिगड़ जायेगा।

जय हनुमान ज्ञान गुण सागर,जय कपिस तिहुं लोक उजागर।जय का मतलब जो भी प्राप्त करना चाहो ,वो आपको मिले।तुलसीदास जी को हनुमान नाम प्रिय है। हनुमान का अर्थ है जो अभिमान का हनन कर दे।कपीस का मतलब वानरों के राजा। तुलसीदास बोले लोगों के दिल में राज करते हैं हनुमानजी, इसलिए राजा हैं। जीवन के रुपांतरण के लिए कथा सुनिये , अहंकार हो तो भक्ति नहीं होगी।

हनुमान चालीसा के आरंभ में मां को याद किया गया है। मां के दिल को कभी ठेस मत देना। कंचन वरण में हनुमानजी के श्रृंगार का वर्णन किया गया है। हनुमानजी भक्तों से भी कहते हैं श्रंगारित रहो, तैयार रहो । दुनिया के मालिक के दरबार में यानि मंदिर में श्रृंगारित जाना चाहिए।

 

शंकर जी तो हनुमानजी बनकर आये । हनुमानजी बहुत भोले भाले हैं,विद्दावान , गुणवान भी हैं हनुमानजी। शिक्षा बिना संस्कार के गलत है। हनुमानजी परम विद्वान हैं,बच्चों को हनुमानजी से जोड़ें। संस्कार घर में माता-पिता से मिलते हैं। विद्या में गुणवान होना चाहिए।बिना पढा लिखा अब नहीं चलेगा। हैसियत के बाहर मौज-मस्ती नहीं करें, लेकिन हैसियत के बाहर जाकर बच्चों को पढ़ायें।

 

हनुमानजी युवाओं के रोल मोडेल हैं। भारत के परिवार बचाना चाहिए। मां नाम की संस्था के कारण परिवार बचे हैं। पश्चिमी देशों में यह बात नहीं है।कथा तो बहाना है, हमें परिवार बचाना है। तपस्थली तो गृहस्थी होती है। दुनिया में मनचाहा,अनचाहा होता है।ऋषि , मुनि बोलते हैं गृहस्थ हमसे भी अच्छा है।

 

सूक्ष्म रुप में सीताजी को दर्शन दिए, विशाल रुप में लंका दहन किये।आदमी भूल जाता है कि कहां बड़ा होना है और कहां छोटा होना है। परिवार बचाना चाहिए, हनुमान चालीसा का पाठ करिये , नेगेटिविटी को भगाइये।

घरों में सामूहिक हनुमान चालीसा करें,घर की सुख , शांति, प्रगति के लिए। हनुमानजी का हर कृत्य प्रशंसनीय है। सूर्य ज्ञान, प्रकाश के सबसे बड़े विश्वविद्यालय हैं। सूर्य की ओर देखकर विद्या अध्ययन करना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार भी यह बात सही है। आधार परमात्मा का होना चाहिए,तभी गृहस्थी बढ़िया चलती है।

 

हमारी संतानें हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। बच्चों को बोलिए नींद आने से पहले हनुमान चालीसा अवश्य पढ़ें। बच्चों के लिए हनुमानजी का उपयोग करना सीखें। दुनिया के सारे शुभ मुहूर्त मां के पांवों में है। जय जय जय हनुमान गोसाईं कृपा करहु गुरुदेव की नाईं, बच्चों को अवश्य याद कराना चाहिए। हनुमानजी को गुरु बनायें। नींबू की अंतिम बूंद को सत कहते हैं , हनुमान चालीसा ऐसे पढ़ो जैसे सत निकल जाये।

जो हनुमान चालीसा पढेगा ,उसे सिद्धि मिलेगी ।कम खाओ,गम खाओ,रहम खाओ। हनुमान चालीसा परिवार का मंत्र है। बच्चों में हनुमान चालीसा बोयें। हनुमानजी के साथ थ्री इन वन कार्यक्रम है ।राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।जय श्री राम।जय वीर हनुमान।

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