मुस्लिम लिग +कम्युनिस्ट=कांग्रेस
तेलंगाना मुख्यमंत्री रेड्डी बोले नोर्थ साउथ डिवाइड
नन्द किशोर जोशी
एक्जिक्यूटिव एडिटर
क्रांति ओडिशा मीडिया
एक अंग्रेज अधिकारी ए ओ ह्यूम ने 1885 में बंबई में कांग्रेस पार्टि की स्थापना की थी। अंग्रेजों ने भारत में शुरु से फूट डालो,राज करो कि नीति अपनाई थी। उन्हीं अंग्रेजों से जवाहरलाल नेहरू, कांग्रेस ने गुरु मंत्र फूट डालो,राज करो कि नीति सीखी।
उसी नीति पर कांग्रेस आज भी कार्यरत है, सक्रियता से कार्य कर रही है।1977 का लोकसभा चुनाव हमारे देश में एतिहासिक चुनाव रहा। इंदिरा गांधी ने गैरकानूनी तरीके से संविधान तोड़ा,मरोड़ा ।देश में जून 25 ,1975 को इमरजेंसी लगादी।
सारे विपक्षी नेताओं को बिना ट्रायल जेल में डाल दी। संसद का विशेष अधिवेशन बुलाकर,बिना विपक्ष की उपस्थिति में संविधान संशोधन किया गया। संविधान में धर्मनिरपेक्ष शब्द डाल दी। आजतक धर्मनिरपेक्ष नामक जहरीले शब्द से भारत जूझ रहा है।इस शब्द के कारण भारतीय लोग आपस में बंट गये हैं। धर्मनिरपेक्ष नामक शब्द संविधान में डालकर इंदिरा, कांग्रेस ने भारत को गंभीर क्षति पहुंचाई है।
एतिहासिक 1977 के लोकसभा चुनाव नतीजे को, जिसमें इंदिरा गांधी, कांग्रेस बुरी तरह से हारी थी , केंद्र की सत्ता से बाहर हो गयी थी। हमारी उस समय की प्रिंट मीडिया और विशेषकर अंग्रेजी प्रिंट मीडिया ने हेडलाइंस में न्यूज छापा था ग्रेट नोर्थ साउथ डिवाइड।
यह हेडलाइंस इसलिए दी गयी क्योंकि 1977 के लोकसभा चुनाव में पूरे उत्तर भारत से सारे कांग्रेसी इंदिरा गांधी समेत हार गये थे । पूरे दक्षिण भारत में विपक्षी हार गये थे और कांग्रेस जीत गयी थी।
मतलब अंग्रेजी मीडिया के हिसाब से ग्रेट नोर्थ साउथ डिवाइड।अब आज की बात करें तो तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा है कि दक्षिण भारत का रुपया उत्तर भारत में लगाया जा रहा है। राजनीति एवं आर्थिक स्थिति में दक्षिण भारत को इग्नोर किया जा रहा है। इसके कारण में बोले कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों उत्तर भारत से आते हैं । मतलब उत्तर भारत दक्षिण भारत का शोषण कर रहा है।
इसके जवाब में केंद्र मंत्री किरण रिजिजु बोले कि प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम भारत से आते हैं, राष्ट्रपति पूर्वी भारत से आती हैं तथा उपराष्ट्रपति दक्षिण भारत से आते हैं।मोदी ने कभी भी देश के किसी भी प्रांत के साथ कोई भेदभाव नहीं किया। रेवंत रेड्डी का आरोप सरासर ग़लत है, बेबुनियाद है।
रेवंत रेड्डी चंद महीने पहले तेलंगाना में सार्वजनिक तौर पर बोले कि कांग्रेस मुस्लिम पार्टि है, मुसलमानों की प्रगति कांग्रेस का मुख्य लक्ष्य है। मनमोहन सिंह बोले थे भारत के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का है।
अभी हाल में केरल में मुस्लिम लिग के दबाव में राहुल गांधी मजबूर हुए कांग्रेसी सत्तीशन को मुख्यमंत्री बनाने में। राहुल की पसंद थे दरबारी के सि बेनुगोपाल । लेकिन मुस्लिम लिग ने राहुल गांधी को धमकाकर अपना पसंदीदा सत्तीशन को मुख्यमंत्री बनाये। वहां कांग्रेस, मुस्लिम लिग संग सत्ता सुख भोग रही है, जिस मुस्लिम लिग ने कांग्रेस संग मिलकर भारत का बंटवारा किया था।
केरल में इसके पहले भी कांग्रेस ने अनेकों बार मुस्लिम लिग संग साझा मंत्रिमंडल बनाया था।इस बार तामिलनाडु में भी टिविके के जोसेफ विजय सरकार में कांग्रेस, मुस्लिम लिग दोनों एक साथ मंत्रिमंडल में सत्ता सुख भोग रहे हैं।
कर्नाटक में तो खुल्लमखुल्ला कांग्रेस सरकार मुसलमानों के चरणों में लेटी रहती है, मुस्लिम तुष्टिकरण की सारी नीतियां अपनाई गई है। मुस्लिम पर्सनल लो बोर्ड इंदिरा गांधी ने बनाया था।वक्फ बोर्ड नेहरु ने बनाया था। इसतरह कांग्रेस की मुसलमानों के चरणों में लेटने की विशाल श्रृंखला है।
अब मैं कांग्रेस का कम्युनिस्ट प्रेम बता रहा हूं। जेएनयू के कम्यूनिस्ट छात्र नेता,प्रेसिडेंट कन्हैयालाल को कांग्रेस में शामिल कर बिहार से लोकसभा टिकट दी कांग्रेस ने, तत्पश्चात दिल्ली से लोकसभा टिकट दी कांग्रेस ने। दोनों ही लोकसभा चुनावों में बुरी तरह से हारे कांग्रेसी, कम्यूनिस्ट कन्हैया कुमार। आजकल ये राहुल गांधी के सलाहकार गोष्ठी में शामिल हैं।
राहुल गांधी 2008 में चीनी कम्यूनिस्ट पार्टि से गुप्त समझौता किये हैं बीजिंग में। सोनिया, मनमोहन,सि जिनपिंग की उपस्थिति में। आजतक इसका ब्यौरा देश के सामने नहीं आया है।इसका मतलब साफ है कि देश बेचने की साज़िश करके आया है,यह शख्स ।
इसतरह मुस्लिम लिग +कम्युनिस्ट=कांग्रेस


