मैंने वह जमाना भी देखा है जब भारत के प्रथम दस उद्योग पतियों में ८ मारवाड़ी होते थे हर मारवाड़ी युवकों को अपने पुरखों पर बहुत गर्व होता था जिन्होंने मारवाड़ी समाज को देश में इस सम्मान की स्तिथि में पहुंचाया आज प्रथम दस में एक आध को छोड़ दे तो मारवाड़ी समाज का कोई स्थान नहीं है। बड़े घरानों ने टाटा की तरह बदले उद्योग को नहीं पहचाना। देश मे टाटा ने सॉफ्ट वेयर का लाभ उठाया आज टाटा कंसल्टेंसी ने टाटा को प्रथम स्थान पर जीवित रखा। इस समय अंबानी अदानी जैसे गुजराती उद्योगपति उभरे तो क्या कारण था हमारे पुरखे इतने ऊपर थे आज हम नीचे है एक तो ऊपर रहने वाले औद्योगिक घरानों ने बदलती हुवी उद्योग अवसरोंको नहीं पहचाना आज अस्पताल भी उद्योग बन गया अपोलो अस्पताल इसका उदाहरण है पहले के मारवाड़ी उद्योगपति महत्वा कांछी थे वे भारत के उत्पन्न होने वाले उत्पादों में पूरे बिस्वा में व्यापार करते थे। राजस्थान के व्यापारी तारा चन्द घनश्याम दास रामगढ़ से पूरी दुनिया में व्यापार करते थे १५० वर्ष तक यह फर्म भारत की सबसे बड़ी फर्म थी इसके पास जितना पैसा था उतना इम्पीरियल बैंक ऑफ़ इंग्लैण्ड के पास था १८५७ में ब्रिटिश सरकार के हाथ में भारत का शासन आगया तो उन्होंने कलकत्ते को राजधानी बनाया भारत में उद्योग लगाने लगे राजस्थान के व्यापार को बर्बाद किया उची टैक्स लगा कर कलकत्ता बंबई मद्रास पोर्ट को निर्माण कर चीता गोंग सूरत मछली पटनम बंदरगाह को बर्बाद कीया डा।
कलकत्ता से नागपुर वा कानपुर तक १८६० में रेल निर्माण किया राजस्थान से निकल कर कलकत्ता आने के लिए कानपुर पहुँच कर रेल पकड़नी पड़ती थी बंबई जाने के लिए अहमदाबाद ट्रेन मिलती अंग्रेजों ने इंडस्ट्री लगायी भारतीयो कै लिए एकदम नई चीज थी मेरे पढ़दादा फतेहपुर से १ ८८० में आकर शेयर का व्यापार आरंभ किया सूरजमल नागर मल ने जुट का ब्यापर किया फिर १९१० में अपनी जुट मिल आरंभ की कलकत्ता शेयर बाज़ार की स्थापना १९०८ में हूवी कलकत्ता शेयर बाज़ार के सफल बल देवदास दूधवाला के फर्म में प्रशिक्षण प्राप्त कर रामकृष्ण डालमिया देश के
के प्रमुख उद्योगपति बने वही हरदयाल सीता राम में प्रशिक्षित राम
कुमार बाँगर देश के प्रमुख उद्योग पति बने राजस्थान में हिंदू धर्म की रक्षार्थ।
मारवाड़ी व्यापारी संस्कृत विद्यालय बनाते गोचर भूमि दान में देते मंदिर बनवात कलकत्ता में बिरला पोद्दार ने ब्राह्मण निवास बनाया। गोयंका कॉलेज, जयपुरिया कॉलेज मारवाड़ी समाज ने स्कूल बनाये सूरजमलना गर मल ने लड़कियोके लिए विद्यालय बनाया। गोयंका कॉलेज जयपुरिया कॉलेज गोशाला बनाये उस समय के मारवाड़ी महत्वाकांक्षी थे साहसी व रिस्क लेते थे अंबानी अदानी महत्वाकांक्षी है। मारवाड़ी युवक लक्ष्मी निवास मित्तल ने कलकते से निकल कर इंडोनेशिया मे बीमार कारखाने को स्वास्थ बनाया महत्वाकांक्षी था स्टील किंग बन गया पटना का मारवाड़ी युवक अनिल अग्रवाल बंबई में एक बीमार कारखाने को ठीक किया महत्वा काँच्छी था उद्योग जगत में एक नाम है चार्टर्ड अकाउंटेंट राधेश्याम अग्रवाल
महत्वकांच्छि था उसने इमामी बना डाली नौकरी या प्रैक्टिस में इतना नहीं कमा सकता मैं अपनी उम्र के मारवाड़ी युवकों में जॉइंट एंट्रेंस से पास कर जादवपुर यूनिवर्सिटी बंगाल मैं सबसे बढ़िया ए इंजीनियरिंग कालेज में जॉइंट एंट्रेंस से भर्ती हुवालाखो लोगो में कुछ सौ को प्रवेश मिलता है बड़ाबाज़ार से सिर्फ तीन छात्र वहाँ प्रवेश कर पाए फिर कैट के माध्यम से लाखो लोगों से सिर्फ़ १०० लोग लिए गए मैंने जादवपुर की पढ़ाई ९०० रुपये फीस देकर की मेरे को इंजीनियर बनाने एमएमए सरकार का लाखो रुपया खर्च किया मेरे को एमबीए बनाने में सरकार बी लाखो खर्च किया मैंने निर्णय लिया मैं नौकरी नहीं करूँगा ना बिदेश जाऊँगा मैं इंडस्ट्री करूँगा लोगो को रोज़गार देना मेरा राष्ट्र के प्रतिकर्तव्य है आज मेरी तीन कंपनियों। में१०००
लोग काम करते है नौकरी करता तो इतना पैसा नहीं पाता। मारवाड़ी समाज के जो नौजवान आईआईटी से इंजीनियरिंग करके आईआईएम से एमबीए करते है उन सभी मारवाड़ी युवकों से मेरा विनम्रतापूर्वक निवेदन है आपने प्रमाणित किया आप अपने समय के मारवाड़ी समाज के बेस्ट ब्रेन है नौकरी नहीं करके उद्योगपति बनिए उद्योगिक साम्राज्य स्थापित कर पुरखों की परंपरा को आगे बढ़ाइए।

