श्रीमद्भागवत कथा में नरसिंह अवतार, भक्त प्रह्लाद का सुंदर चरित्र वर्णन

कटक, ऐतिहासिक, धार्मिक, आध्यात्मिक नगरी कटक में रामचंद्र रामविलास,सिंघल परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन भगवान नरसिंह अवतार, भक्त प्रह्लाद के चरित्र के बारे में विस्तार से चर्चा हुई।

व्यासपीठ पर विराजमान वृंदावन वासी श्रीगोपाल कृष्ण जी ने अपनी ओजस्वी वाणी से नरसिंह भगवान तथा भक्त प्रह्लाद के सुंदर चरित्र के बारे में बड़ी विस्तार से जानकारी दी।सारे भक्तों को कथा व्यास जी ने अपनी ओजस्वी वाणी से बांधे रखा।

कथा प्रसंग के बीच बीच में भजनों का भी आनंद भक्तों ने लिया। सैंकड़ों की संख्या में भक्तों की भीड़ भव्य पंडाल में देखी गई। पंडाल की सजावट काफी उच्च कोटि की रही।सारी व्यवस्था काफी उत्तम श्रेणी की रही।

व्यासपीठ से बोला गया कि जो धुर्व चरित्र सुनता है वह परम पद को प्राप्त करता है।धुर्व के पुत्र का नाम है उत्कल।उत्कल के नाम से पड़ा है उत्कल प्रांत। हमलोग सारे उत्कल प्रांत यानि ओडिशा वासी हैं। ठाकुरजी नहीं रुठने चाहिए, ठाकुरजी रुठे तो सारी दुनिया रुठ जायेगी।

भागवत में बोला गया है कि खाओ मन भर ,छोड़ो ना कण भर, अर्थात अन्न देवता को थाली में जूठा नहीं छोड़ना चाहिए। पृथ्वी गाय के रुप में आगयी है। केवल सनातन धर्म में ही जिंदा रहते और चले जाने के बाद भी मां बाप की सेवा उनके नाम की कही गयी है।

हरि अनंत हरि कथा अनंता

भागवत में आए, भक्ति में रम जाएँ,
चतुर्दशी में कृष्ण जन्म का आनंद उठाएँ।
नंद के आनंद भयो, गूँजे मंगल गान,
हरि नाम सुमिरन से हो जीवन धन्य महान।

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