चुनावी हार के बाद भी सक्रिय डॉ. पूर्णचंद्र महापात्रा, संगठन सशक्तीकरण पर जोर।
भारत के जाने-माने स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ और बाराबाटी-कटक से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी डॉ. पी.सी. महापात्रा जनसंपर्क एवं संगठनात्मक समन्वय पर दे रहे विशेष ध्यान।
सुधाकर कुमार शाही
संवाददाता
कटक, ओड़िशा, भारत के जाने-माने स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ तथा वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में बाराबाटी-कटक क्षेत्र से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी डॉ. पी.सी. महापात्रा चुनावी पराजय के बाद भी अपनी राजनीतिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय हैं। क्षेत्र में जनसंपर्क बनाए रखने, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने की दिशा में उनके प्रयास जारी हैं।
डॉ. महापात्रा का विशेष जोर कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न मंडलों के पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर है। संगठनात्मक गतिविधियों में तालमेल बढ़ाने, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने और स्थानीय समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी पहचान रखने वाले डॉ. महापात्रा की राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां भी बाराबाटी-कटक क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। वे क्षेत्र के लोगों के साथ संपर्क बनाए रखने तथा कार्यकर्ताओं के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं।

ज्ञातव्य है कि बाराबाटी-कटक ओड़िशा का एक महत्वपूर्ण शहरी विधानसभा क्षेत्र है। यहां नागरिक सुविधाओं, स्थानीय समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों की राजनीतिक गतिविधियों में अहम भूमिका रहती है। ऐसे में संगठनात्मक समन्वय और जनसंपर्क बनाए रखना राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
डॉ. महापात्रा की मौजूदा गतिविधियों में संगठन को सक्रिय बनाए रखना, मंडल स्तर पर बेहतर तालमेल स्थापित करना और क्षेत्र के लोगों से संवाद कायम रखना प्रमुखता से शामिल है। चुनाव परिणाम के बाद भी संगठनात्मक गतिविधियों को जारी रखना उनकी वर्तमान राजनीतिक भूमिका का महत्वपूर्ण पहलू है।
आने वाले समय में क्षेत्र में उनकी संगठनात्मक गतिविधियां किस प्रकार आगे बढ़ती हैं, इस पर स्थानीय राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।

