राष्ट्रीय कवि संगम के तत्वावधान में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री जगदीश मित्तल ‘परमार्थी’ बाबूजी के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार संगठन के संरक्षक तथा सुप्रसिद्ध ओज कवि डॉ. हरिओम पंवार जी का 75वाँ जन्मदिवस देशभर में ‘अमृत महोत्सव’ के रूप में उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। श्री मित्तल ‘परमार्थी’ जी राष्ट्रीय कवि संगम के संस्थापक अध्यक्ष होने के साथ-साथ राष्ट्रचेतना, सांस्कृतिक मूल्यों और हिन्दी साहित्य के समर्पित संवाहक हैं। उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय कवि संगम ने देश के विभिन्न प्रांतों में साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति के नवजागरण का एक व्यापक अभियान खड़ा किया है। उनके प्रेरक नेतृत्व और सतत प्रयासों से संगठन आज देश के प्रमुख साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंचों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है।
इसी क्रम में राष्ट्रीय महामंत्री श्री महेश कुमार शर्मा जी की प्रेरणा एवं उत्साहवर्धन से राष्ट्रीय कवि संगम, ओडिशा प्रांत द्वारा दिनांक 30 मई 2026 को एक आभासी काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रांत अध्यक्ष श्री मनोज दुगड़ जी के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने उपस्थित कवि-कवयित्रियों एवं प्रबुद्ध जनों का हार्दिक अभिनन्दन करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा पद्मश्री डॉ. हरिओम पंवार जी को जन्मोत्सव की शुभकामनाएँ अर्पित कीं।
प्रांत महामंत्री श्रीमती पुष्पा सिंघी ने डॉ. पंवार का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल जन्मदिवस का उत्सव नहीं, बल्कि शब्दों के शौर्य, राष्ट्र चेतना और उस ओजस्वी स्वर का अभिनन्दन है, जिसने दशकों तक हिन्दी कविता मंच को अपनी तेजस्विता से आलोकित किया है। उनकी कविताओं में केवल भाव नहीं, बल्कि भारत की आत्मा बोलती है।
काव्यपाठ सत्र में निर्धारित विषयानुसार रचनाकारों ने डॉ. हरिओम पंवार जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित अपनी स्वरचित रचनाएँ प्रस्तुत कीं। राष्ट्रीय कवि संगम के ध्येय वाक्य ‘राष्ट्र जागरण धर्म हमारा’ को साकार करती देशभक्ति से ओत-प्रोत हिन्दी एवं ओड़िया कविताओं ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
काव्यपाठ करने वाले प्रमुख रचनाकारों में श्री मनीष पांडे, श्री आशीष कुमार विद्यार्थी, श्रद्धांजलि त्रिपाठी, श्रीमती कलावती जैन, श्रीमती पुष्पा सिंघी, श्री तपस कुमार अग्रवाल तथा श्री सब्यसाची बिषोयी सहित अन्य साहित्यकार सम्मिलित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रांत उपाध्यक्ष श्री तपस कुमार अग्रवाल जी ने किया तथा अंत में प्रांत मीडिया प्रमुख श्री सब्यसाची बिषोयी जी ने सभी प्रतिभागियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह आयोजन डॉ. हरिओम पंवार जी के साहित्यिक अवदान, राष्ट्रनिष्ठ चिंतन तथा ओजस्वी काव्य परम्परा के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भावपूर्ण प्रतीक बन गया। साथ ही इसने राष्ट्रीय कवि संगम के मूल ध्येय – राष्ट्रजागरण, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक चेतना के संवर्धन को भी पुनः पुष्ट किया।

