तामिलनाडु में आज जोसेफ विजय सरकार
2031 में भाजपा सरकार
नन्द किशोर जोशी
एक्जिक्यूटिव एडिटर
क्रांति ओडिशा मीडिया
तामिलनाडु की राजनीति में पिछले 59 सालों में तामिल फिल्मी कलाकार , द्राविड़ पार्टियां हावी होते रहे हैं। दोनों द्रविड़ पार्टियों में तामिल फिल्मों से जुड़े लोग ही प्रभावशाली भूमिका में रहे हैं।डिएमके और अन्नाडिएमके दोनों ही दलों में शीर्ष नेतृत्व वृद्धावस्था को प्राप्त हो चुके हैं।
डिएमके के स्टालिन और अन्नाडिएमके के पलानिस्वामी दोनों ही आज भी बूढ़े हैं और आगामी चुनावों में और भी ज्यादा बूढ़े हो जायेंगे। आज अन्नाडिएमके के ताजा हालात बयां कर रहे हैं कि पार्टि , विभाजन की ओर बढ़ रही है।
आज की ताज़ा खबर यह है कि अन्नाद्रमुक का एक गुट अपने ही बड़े नेता पलानिस्वामी के नेतृत्व को खुलेआम विरोध कर रहा है।इस गुट की हार्दिक इच्छा है कि जोसेफ विजय की टिविके सरकार को समर्थन किया जाये, विजय के मंत्रीमंडल में शामिल हुआ जाये ,सत्ता की मलाई खायी जाये।
पलानिस्वामी गुट इस गुट का विरोध कर रहा है, विजय की सरकार से दूर रहने की बात कर रहा है। लगता है पलानी स्वामी विरोधी गुट हावी होगा , जोसेफ विजय की सरकार में शामिल होकर मलाई चाटेगा।
मतलब अन्नाद्रमुक आपसी खिंचतान में अगले चुनाव तक फिनिश।अब द्रमुक की बात करें। द्रमुक नेता स्टालिन बूढ़े हैं, बीमार हैं। स्टालिन पुत्र उदयनिधि दो तीन साल पहले ही सनातन धर्म को मलेरिया,डेंगु,कोरोना कह चुके हैं। हिंदू धर्म को जड़ से उखाड़ने की बात कह चुके हैं।
मेरा आकलन है कि हिंदुत्व की लहर धीरे-धीरे उत्तर भारत से दक्षिण भारत की ओर बहेगी। सनातनी लोग जात-पात से ऊपर उठकर सनातनी एकता का प्रदर्शन करेंगे जैसे उत्तर भारत के वोटर करते आ रहे हैं।
द्रविड़ दलों के नेताओं का वृद्धावस्था प्राप्त करना, द्रविड़ राजनीति का करीब करीब लोप होना और साथ में हिंदुत्व की लहर होना ,ये सारे फेक्टर भाजपा को धीरे धीरे तामिलनाडु की राजनीति में प्रासंगिकता प्रदान करेगी। धीरे-धीरे सत्ता तक ले जायेगी।
अब सवाल उठता है कि कब ?मेरा मानना है कि आज तामिलनाडु पर स्टालिन सरकार ने 11 लाख करोड़ रुपए का कर्ज भार छोड़ा है। जोसेफ विजय ने काफी हसीन वादे किए हैं वोटरों से चुनाव में जीतने के लिए।
अपने सारे वादे जोसेफ विजय कभी पूरा नहीं कर सकते अपने पांच साल के कार्यकाल में।अगले चुनाव से पहले विजय जरुर वादाखिलाफी करेंगे, वोटरों में लोकप्रियता खोयेंगे।
भाजपा यानि एनडिए के हाथ में 2031 चुनाव में सुनहरा मौका होगा,इस असंतोष को भुनाने का। ठीक उस समय भाजपा यंग, डायनामिक अन्नामलाई के नेतृत्व में आगे बढ़ेगी और सत्ता हासिल करेगी । तामिलनाडु में कमल खिलेगा। तामिल फिल्मी हिरो विजय की चमक फिकी होगी,तमिल फिल्मों का राजनीति में प्रभाव कम होगा, द्रविड़ राजनीति तो पहले ही धराशाई हो चुकी होगी।ऐसे में तामिलनाडु में जय श्री राम का उद्घोष होगा, सनातन की पताका शान से लहरायेगी कश्मीर से कन्याकुमारी तक।


