कटक में मारवाड़ी संप्रदाय वोट भाजपा के साथ, चिंता में कांग्रेस और बीजेडी !

कटक : 2024 साधारण चुनाव की मतदान तारीख नजदीक आते–आते चुनावी हलचल जोर से बढ़ रही है । कटक में 25 तारीख को मतदान होंगे । कटक की विधान सभा और लोक सभा यह दोनो सीट सभी राजनीतिक दलों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है ।

बारबाटी – कटक विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में पिछले 2019 चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार मोहमद मोकिम ने अपनी जीत दर्ज कराई थी । बीजेडी के प्रार्थी दूसरे स्थान पर , ओर भाजपा प्रार्थी तीसरे स्थान पर थे।

2019 लोक सभा में बीजू जनता दल के उम्मीदवार भर्तृहरि महताब ने यहा से अपनी जीत दर्ज करवाई थी । भाजपा उम्मीदवार दूसरे स्थान पर ओर कांग्रेस उम्मीदवार तीसरे स्थान पर थे ।

इस बार विधान सभा और लोक सभा दोनों प्रार्थियो में बदलाव देखा गया है । कांग्रेस के विधायक मोहमद मोकिम इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे । उनकी बेटी सोफिया फिरदोष इस बार बारबाटी – कटक से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही है। वही अगर लोक सभा सीट की बात करे , तो यहां से पिछले बार बीजू जनता दल से चुनाव लड़ जीत हासिल करने वाले भर्तृहरि महताब इस बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे है।

बारबाटी – कटक विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में मारवाड़ी संप्रदाय के वोट लगभग 18,000 और कटक संसदीय क्षेत्र में लगभग 50,000 है । यह वोट किसी भी उम्मीदवार को विजयी बनाने में एक प्रमुख भूमिका रखते है।

विशेष कर बारबाटी – कटक विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में मारवाड़ी संप्रदाय के 18,000 वोटों की एक अहम भूमिका है। चुनाव में हार –जीत में यह वोट निर्णायक है। पिछले 2019 के चुनाव में इस संप्रदाय के ज्यादातर वोट कांग्रेस प्रार्थी मोहमद मोकिम के पक्ष में गए थे । अधिकांश मारवाड़ी संस्थाओं ने प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से मोहम्मद मोकिम को समर्थन कर उनको विजय बनाने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। उनके समर्थन में कई सभा – समितियों का आयोजन किया था ।

परंतु इस 2024 के चुनाव में
प्रमुख मारवाड़ी संस्थाएं और इनके पदाधिकारी इस बार भाजपा के लिए खुल कर प्रचार करते नजर आ रहे है। साथ ही भाजपा प्रार्थी के समर्थन में प्रत्यक्ष रूप से अनेक सभा समितियों का आयोजन कर रहे है। इससे यह आभास हो रहा हे की इस चुनाव में कांग्रेस और बीजेडी के पक्ष में मारवाड़ी संप्रदाय का वोट नहीं है। चुनाव प्रचार मात्र ७ दिन बाकी है, भाजपा मारवाड़ी संप्रदाय के वोटों को बटोरने में कोई कसर नहीं छोड़ रही । यह निर्णायक वोट बैंक किस तरफ करवट लेता है यह देखना बाकी है ।

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