एक दिवाली सैनिकों के संग

एक दिवाली सैनिकों के संग

 

एक दिया सब घी का जलाएँ

सैनिक की कुर्वानी पर

बलिदान प्राणों का दे दिया

सरहद की रखवाली पर।।

मना रहे जब पर्व खुशी से

झूम झूम हम टोली में

हमरे बीर जवान खेल रहे

तब बंदुक की गोली में।।

हम रोशन घर अपना करते

लगे हैं दीप जलाने में

सोचो जिनका दीप बुझ गया

अपना फर्ज निभाने में।।

राह निहारें बृद्ध पिता माँ

सुनी सुनी निगाहों से

पत्नि,बेटी सिसक रही है

ठण्डी ठण्डी आहों से।।

मेरे देशवासियो इनके

नमन करो बलिदानों को

नमन है ईनकी माताओ को

जन्म किया ईन लालों को।।

जय जवान जय किसान

पुरुषोत्तम अग्रवाल

कटक

7978386698

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