सिएमएस प्रेसिडेंट चुनाव संपन्न
यूपिएमएस कटक प्रेसिडेंट चुनाव कब ?
विशिष्ट संवाददाता
1 अगस्त 2024 को सिएमएस प्रेसिडेंट चुनाव हुआ था । उसमें संजय शर्मा चुनाव जीते थे। दूसरे नंबर पर थे पवन जाजोदिया।एक बार फिर 6 सितंबर 2026 को सिएमएस प्रेसिडेंट चुनाव हुआ। इसमें संजय शर्मा चुनाव जीते, दूसरे नंबर पर थे पवन जाजोदिया। मतलब दोनों ही बार संजय शर्मा सिएमएस प्रेसिडेंट चुनाव जीते और दोनों ही बार पवन जाजोदिया सिएमएस प्रेसिडेंट चुनाव हारे।
यूपिएमएस कटक शाखा प्रेसिडेंट चुनाव अंतिम बार 1 सितंबर,2024 को हुआ था।पवन जाजोदिया प्रेसिडेंट चुनाव जीते यहां पर।चूंकि दोनों ही मारवाड़ी संगठनों के चुनाव दो वर्षीय हैं,अतएव यूपिएमएस कटक शाखा का चुनाव का समय अतिक्रांत होगया है।
अब कुछ लोग यह कह सकते हैं कि चूंकि सिएमएस प्रेसिडेंट चुनाव 1 अगस्त की जगह 6 सितंबर को हुआ है ,तो यहां भी इसकी हवा लग सकती है।सभी के सूचनार्थ बता रहे हैं कि सिएमएस प्रेसिडेंट चुनाव की प्रक्रिया जुलाई में ही शुरु हो गयी थी और 6 सितंबर वोटिंग के दिन संपन्न हुई।
चूंकि यूपिएमएस चुनाव पिछली बार 1 सितंबर को संपन्न हुए हैं,उस दृष्टिकोण से यहां चुनावी प्रक्रिया अभी तक शुरु हो जानी चाहिए थी, लेकिन अफसोस अभी तक शुरु नहीं हुई।अब भी समय है जल्द से जल्द यूपिएमएस कटक शाखा प्रेसिडेंट की चुनावी प्रक्रिया शुरु हो जानी चाहिए, इसी में सब का कल्याण, संगठन का कल्याण है।
कोशिश तो यही होनी चाहिए कि इसी महीने के अंत में या ओक्टोबर महीने के प्रथम सप्ताह में यूपिएमएस प्रेसिडेंट चुनाव होजायें। चुनाव में नये प्रेसिडेंट चुन कर आयें,चाहे वर्तमान के प्रेसिडेंट को सदस्य दुबारा चुनें।
सूत्रों से जानकारी मिली है कि यूपिएमएस में प्रेसिडेंट के दो साल के कार्यकाल में कभी साधारण सभा, कार्यकारिणी सभा बैठक बुलाई ही नहीं गयी।दो साल का हिसाब किताब अभी तक का बाकी है,सभा में दिया नहीं गया है।
सर्वप्रथम नैतिकता,नियम के तकाजे के हिसाब से तुरंत कार्यकारिणी सभा, साधारण सभा बुलाकर, हिसाब किताब पेश कर, हिसाब पारित करा कर , जल्द से जल्द चुनाव प्रक्रिया आरंभ की जाये, इसमें सभी की भलाई है।समय विलंब नहीं कर तुरंत प्रेसिडेंट साहब को कोशिश कर इस कार्य को युद्ध स्तर पर करना चाहिए,समाज, संगठन के हित में, ओक्टोबर प्रथम सप्ताह मे या ज्यादा से ज्यादा दूसरे सप्ताह में।
सूत्रों से यह भी पता चला है कि प्रेसिडेंट साहब नहीं चाहते कि चुनाव सितंबर या ओक्टोबर में हों।उनकी इच्छा यह है कि चुनाव मार्च -अप्रैल 2027 में हों। मतलब वे यूपिएमएस प्रेसिडेंट के चुनाव को कम से कम 7-8 महीने टालना चाहते हैं।
अगर यह चुनाव मार्च -अप्रैल तक टल गया तो सम्मेलन नाम के संगठन में आज भी सदस्यों में असंतोष भरा हुआ है,आगे चुनाव बेनियम, गैरकानूनी तरीके से, मनमानी तरीके से टालने पर या सरकाने पर असंतोष और भी मेंबरों में बढ़ेगा तथा यूपिएमएस राज्य नेतृत्व एवं राष्ट्रीय नेतृत्व को भी दखल देना पड़ सकता है।

