भुवनेश्वर, बिहार सोशल वेलफेयर एसिस्टेंस सोसायटी (विश्वास) द्वारा श्रावण मास के पावन अवसर पर भगवान शिव के भक्त काँवरिया श्रद्धालुओं की सेवा हेतु भुवनेश्वर के पालासुनी में रविवार को संध्या 5:00 बजे से एक भव्य सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस सेवा शिविर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल, शरबत, फल, चाय, नाश्ता, गर्म पानी, प्राथमिक स्वास्थ्य उपचार सहित अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही काँवरियों के लिए प्रसाद सेवन की विशेष व्यवस्था भी की गई थी।शिवभक्ति गीतों से भक्तिमय हुआ माहौल

सेवा शिविर के दौरान प्रस्तुत किए गए शिवभक्ति गीतों और भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भगवान भोलेनाथ की स्तुति में गूंजते भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। भक्ति संगीत के बीच काँवरियों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भगवान शिव का स्मरण किया, जिससे शिविर का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति रस से सराबोर हो गया।
सोसायटी के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और समर्पण के साथ काँवरियों की सेवा की। शिविर का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव के भक्तों की यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं सुखद बनाना तथा समाज में सेवा, सहयोग, भाईचारे और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना था।

इस अवसर पर सोसायटी के अध्यक्ष राजकुमार ने संस्थापक सदस्य सहित सभी उपस्थित पदाधिकारियों एवं सदस्यों को धन्यवाद दिया और कहा कि “मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।” उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी इसी प्रकार के सामाजिक एवं धार्मिक सेवा कार्यों के माध्यम से समाज की सेवा करती रहेगी। सेवा शिविर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने बिहार सोशल वेलफेयर एसिस्टेंस सोसायटी (विश्वास) के इस सराहनीय प्रयास की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए सभी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में मुख्य रूप से संजय ठाकुर, अशोक पांडेय, अमरनाथ साहा, आनंद मोहन, चन्द्रशेखर सिंह, उदय साहा, शंकर यादव, राम पदार्थ सिंह सहित सोसायटी के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं इस सेवा शिविर को सफल बनाने में कटक शाखा के संरक्षक रुदल सिंह, मुकेश कुमार, कोषाध्यक्ष अनिल सिंह सहित अन्य सदस्यों की भी सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका रही।

यह सेवा शिविर सामाजिक समरसता, सेवा भावना और जनकल्याण के प्रति संस्था की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया।

