भारत के एकीकरण में रेवेंशा का श्रेष्ठ योगदान
नन्द किशोर जोशी
एक्जिक्यूटिव एडिटर
क्रांति ओडिशा मीडिया
बात उन दिनों की है जब भारत नया नया आजाद होने की कगार पर था। अंग्रेजों ने अपनी कुटिल चाल से भारत को दो टुकड़ों में बांटने की साज़िश रची थी। अंग्रेजों ने 565 भारतीय देशी राजाओं के सामने 3 विकल्प रखे ।पहला विकल्प था भारत में शामिल होना,दूसरा विकल्प था पाकिस्तान में शामिल होना,तीसरा विकल्प था देशी राजा अपने को आजाद रखना , अर्थात भारत या पाकिस्तान में शामिल नहीं होना, अपने को स्वतंत्र रखना।
यह 1947 की बात है। सरदार पटेल स्वतंत्र भारत के पहले गृहमंत्री बने। उन्हें लौह पुरुष भी बोला जाता था। सरदार पटेल ने ही भारत के तमाम 565 देशी राजाओं को भारतीय गणतंत्र में शामिल करने का बीडा उठाया।
भारत के एकीकरण अभियान का शुभारंभ हुआ ओडिशा की धरती से। आजाद भारत के प्रथम गृहमंत्री सरदार पटेल के नेतृत्व में एकीकरण अभियान चला। ओडिशा में एकीकरण अभियान का संचालन किये ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री डोक्टर हरे कृष्ण महताब।
संयोग से डोक्टर महताब भी रेवेंशा के छात्र रहे हैं।
कटक उन दिनों ओडिशा की राजधानी थी।कटक की रेवेंशा कोलेज में ओडिशा विधानसभा बैठा करती थी। रेवेंशा कोलेज के पत्रिका होल में विधानसभा बैठा करती थी।डोक्टर हरे कृष्ण महताब ने इसी पत्रिका होल में ओडिशा के सभी देशी राजाओं,गडजात राजाओं को निमंत्रण दे रखा था आने के लिए।
तय समय ,तिथि पर भारत के गृहमंत्री सरदार पटेल कटक की रेवेंशा कोलेज में पधारे।डोक्टर महताब के नेतृत्व में ओडिशा के सभी देशी राजाओं,गडजात राजाओं ने खुशी-खुशी भारतीय गणतंत्र में शामिल होना स्वीकार किया। उन्होंने भारतीय यूनियन डोक्यूमेंट में सर्वप्रथम दस्तखत किया।

इसतरह सरदार पटेल के नेतृत्व ,डोक्टर महताब के कुशल संचालन, प्रबंधन में भारतीय गणतंत्र की मजबूत नींव रखी गई। वहीं से पूरे भारत में घूम-घूम कर सरदार पटेल ने सभी तत्कालीन देशी राजाओं से भारतीय यूनियन में शामिल होने के कागजातों पर दस्तखत कराए।
ओडिशा पूरे भारत के लिए मिशाल बना और ओडिशा में भी कटक मिशाल बना तथा कटक में भी हमारी प्रिय रेवेंशा कोलेज मिशाल बनी , ऐतिहासिक भारत के एकीकरण अभियान की। इसतरह हम सब की प्यारी रेवेंशा कोलेज ने निभाई अपनी सार्थक भूमिका देश हित में।
सैंकड़ों सालों से इसी तरह ओडिशा,भारत के सर्वांगीण विकास में रेवेंशा कोलेज,आज की रेवेंशा यूनिवर्सिटी अपना पोजिटिव योगदान करती आ रही है।आशा है आगे भी यह क्रम जारी रहेगा।जय हिन्द,जय भारत,वंदे मातरम्।


