केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने भारत-यूरोपीय संघ के बीच औद्योगिक और प्रौद्योगिकी सहयोग अधिक सुदृढ़ करने के लिए ब्रसेल्स में यूरोपीय उद्योग जगत के दिग्‍गजों से मुलाकात की

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल 14 और 15 जुलाई 2026 को ब्रसेल्स में भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) मंत्रिस्तरीय बैठक के अवसर पर उद्योग केंद्रित कई कार्यक्रमों में शामिल हुए।

14 जुलाई 2026 को, श्री पीयूष गोयल ने थेल्स बेल्जियम के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री एलेन क्वेरिन से मुलाकात की और औद्योगिक सहयोग सुदृढ़ करने तथा प्रौद्योगिकी साझेदारी के अवसरों को तलाशने के बारे में चर्चा की। उन्होंने सिलॉक्स ग्रुप के प्रबंध निदेशक श्री जीन क्रिस्टोफ़ बोगार्ट के साथ द्विपक्षीय व्यापार के अवसरों और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर भी बातचीत की। इन बैठकों के साथ ब्रसेल्स में मंत्री के उद्योग संपर्क कार्यक्रमों की शुरुआत हुई, जिससे यूरोपीय उद्योग जगत के दिग्‍गजों के साथ बातचीत के लिए एक रचनात्मक मंच मिला और आगे की चर्चाओं के लिए आधार तैयार हुआ।

15 जुलाई 2026 को, श्री पीयूष गोयल बेल्जियम में फेडरेशन ऑफ एंटरप्राइजेज (एफईबी) द्वारा आयोजित एक व्‍यापार गोलमेज बैठक में शामिल हुए। इस अवसर पर उनके साथ विदेश मंत्री तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री भी उपस्थित थे। इस बैठक में भारत और यूरोप के प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों ने व्यापार करने में सुगमता लाने, निवेश प्रवाह, सप्लाई चेन में लचीलपन और डिजिटल नवाचार जैसे विषयों पर चर्चा की।

इसके बाद श्री पीयूष गोयल ने होटल स्टीगेनबर्गर में फिक्की प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के साथ बातचीत की। भारतीय उद्योग के प्रतिनिधियों ने प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने, नियामक संबंधी चुनौतियों का समाधान करने और टीटीसी फ्रेमवर्क के तहत अवसरों का लाभ उठाने के बारे में अपने विचार साझा किए। मंत्री ने बाजार तक पहुंच बढ़ाने और नवाचार-आधारित साझेदारियों को बढ़ावा देने में भारतीय उद्योग को सहायता देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

ब्रसेल्स में श्री पीयूष गोयल की मुलाकातों से उद्योग आधारित विकास पर भारत के जोर देने की भावना और भारत-यूरोपीय संघ आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने में व्यापार और उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका प्रदर्शित होती है। भारत-यूरोपीय संघ टीटीसी मंत्रिस्तरीय बैठक के अवसर पर हुई इन मुलाकातों से औद्योगिक भागीदारी को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने, अधिक बाजार पहुंच को सुविधाजनक बनाने और यूरोप में भारतीय उद्यमों के लिए नए अवसर पैदा करने की सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *