नई दिल्ली: राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन के संस्थापक अध्यक्ष सोहन गिरि ने आज देश की आंतरिक सुरक्षा और बढ़ती घुसपैठ पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एक महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। सोहन जी ने कहा कि भारत में घुसपैठ अब केवल एक सीमावर्ती समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह एक सुनियोजित षड्यंत्र बन चुका है। भ्रष्टाचार के कारण सरकारी तंत्र में पैठ बनाकर घुसपैठिये न केवल आधार और राशन कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज अवैध रूप से बनवा रहे हैं, बल्कि देश के कोने-कोने में फैलकर नागरिक संसाधनों और रोजगार पर भी कब्जा कर रहे हैं।

सोहन जी ने कहा कि आज देश का कोई ऐसा जिला नहीं बचा है जहाँ ये घुसपैठिये सक्रिय न हों। फल-सब्जी विक्रेता से लेकर मैकेनिक और इलेक्ट्रीशियन तक के कार्यों में इनका प्रभुत्व बढ़ रहा है, जो भविष्य के लिए एक बड़ा सुरक्षा संकट है। ये तत्व न केवल देश की आर्थिक व्यवस्था को चोट पहुँचा रहे हैं, बल्कि सांप्रदायिक हिंसा, लव जिहाद, ह्यूमन ट्रैफिकिंग, नकली नोट और अवैध हथियारों जैसे राष्ट्र विरोधी कार्यों में भी संलिप्त पाए जा रहे हैं।
संगठन के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कुछ स्वार्थी राजनेताओं ने वोट बैंक की राजनीति के लिए इन घुसपैठियों को संरक्षण दिया है, जिसके कारण आज देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा अवैध नागरिकों का हो गया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार इस कैंसर रूपी बीमारी की मुख्य जड़ है। यदि वर्तमान चुनाव आयोग और सरकार करोड़ों नकली नागरिकों के वोटिंग राइट्स नहीं छीनती, तो असम और बंगाल जैसे राज्यों में लोकतांत्रिक संतुलन को बनाए रखना असंभव होता।
मणिपुर की वर्तमान स्थिति का उदाहरण देते हुए सोहन जी ने कहा कि जब पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने ड्रग्स, आतंकवाद और घुसपैठ के खिलाफ सख्ती दिखाई, तो विदेशी शक्तियों, ड्रग पेडलर्स और विपक्ष के एक संगठित इकोसिस्टम ने राज्य को हिंसा की आग में झोंक दिया। यहाँ तक कि नेतृत्व परिवर्तन के बाद भी शांति न आना यह दर्शाता है कि यह संकट कितना गहरा है। उन्होंने चेतावनी दी कि असम और बंगाल में विफल होने के बाद अब ये राष्ट्र विरोधी शक्तियां उत्तर प्रदेश और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाना बनाने का प्रयास करेंगी, जिससे भाजपा को अभी से सावधान रहने और पार्टी के भीतर छुपे स्वार्थी तत्वों को पहचानने की आवश्यकता है।

राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन ने सरकार से निम्नलिखित प्रमुख मांगें की हैं:
सर्वप्रथम, जो लोग सुनियोजित तरीके से घुसपैठियों को शरण दे रहे हैं और उनके नकली दस्तावेज बनवा रहे हैं, उनके लिए मृत्यु दंड का प्रावधान किया जाए। दूसरा, सीमा पर फेंसिंग और ड्रोन निगरानी को इतना मजबूत किया जाए कि ‘शूट एट बॉर्डर’ जैसा सख्त कानून लागू हो सके। तीसरा, एनआरसी और सीएए जैसे कानूनों को और अधिक कठोरता के साथ बिना किसी देरी के लागू किया जाए।
सोहन जी ने ‘जागृत नागरिक सुरक्षित देश अभियान’ का आह्वान करते हुए कहा कि हर समस्या का समाधान केवल सरकार के पास नहीं होता, जनता को भी सजग होना होगा। नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने आसपास रहने वाले संदिग्ध घुसपैठियों की जानकारी पुलिस को दें और सरकार ऐसे जागरूक नागरिकों की पहचान गुप्त रखकर उन्हें प्रतिवर्ष सम्मानित करे।
प्रेस विज्ञप्ति के अंत में सोहन जी ने कहा कि भारत 2014 के बाद से वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है, जिससे अमेरिका और चीन जैसे देश चिंतित हैं और वे भारत के विकास रथ को रोकने के लिए विपक्ष और देश विरोधी ताकतों को मदद पहुँचा रहे हैं। भारत हमेशा बाहरी आक्रमणों से अधिक भीतरी लुटेरों और गद्दारों से कमजोर हुआ है। इसलिए यह समय की मांग है कि भ्रष्टाचार और घुसपैठ मुक्त भारत बनाने के लिए नागरिक और सरकार एक साथ खड़े हों। जो लोग देश के संविधान को नहीं मानते, उनकी नागरिकता और सरकारी सुविधाएं तत्काल प्रभाव से छीन ली जानी चाहिए।

