अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली में विश्व कैंसर दिवस 2026 पर जागरूकता एवं शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित की गईं

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली(एआईआईए) के एकीकृत ऑन्कोलॉजी केंद्र(सीआईओ) द्वारा आयोजित जागरूकता-उन्मुख और शैक्षणिक गतिविधियों की एक श्रृंखला के साथ विश्व कैंसर दिवस 2026 मनाया। इसके जरिए संस्थान ने कैंसर की रोकथाम का शीघ्र पता लगाने और आयुर्वेद के माध्यम से समेकित (इंटीग्रेटिव) देखभाल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया।

गतिविधियों की शुरूआत 3 फरवरी 2026 को छात्र-छात्राओं पर केंद्रित कार्यक्रमों से हुईं, जिसमें नारा लेखन प्रतियोगिता और निबंध लेखन प्रतियोगिता शामिल थी। इनका उद्देश्य रचनात्मक सहभागिता को प्रोत्साहित करना और युवा उत्साही मस्तिष्कों को कैंसर जागरूकता, रोकथाम और संपूर्ण स्वास्थ्य देखभाल के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाना था।

मुख्य कार्यक्रम 4 फरवरी 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, चिकित्सकों, शोधकर्ताओं एवं छात्रों ने भाग लिया।

प्रातः सत्र – रोगी संवेदनशीलता एवं जागरूकता गतिविधियां

उद्घाटन समारोह में निम्नलिखित विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रहीः

· प्रो. (डॉ.) प्रदीप कुमार प्रजापति, निदेशक, एआईआईए, नई दिल्ली

· प्रो. (डॉ.) योगेश बडवे, चिकित्सा अधीक्षक, एआईआईए, अस्पताल

· प्रो. (डॉ.) मंजूषा राजगोपाल,  डीन, एफएयूएम, डीयू

· प्रो. (डॉ.) रमाकांत यादव, डीन (पीजी)

· डॉ. प्रमोद यादव

· डॉ. अमरीश डेडगे

  • डॉ. मीता झाला

गणमान्य व्यक्तियों ने कैंसर के बढ़ते दवाब से रोकथाम, सहायक देखभाल और जीवनरक्षा में आयुर्वेद-आधारित एकीकृत ऑन्कोलॉजी के महत्व पर प्रकाश डाला।

अस्पताल के ओपीडी परिसर में मरीजों के लिए जागरूकता व्याख्यान आयोजित किए गए, जहां एआईआईए के संकाय सदस्यों, पीएचडी एवं स्नातकोत्तर शोधार्थियों द्वारा मरीजों एवं उनके परिजनों को कैंसर के प्रारंभिक चेतावनी संकेतों, जीवनशैली से जुड़े जोखिम कारकों तथा कैंसर की रोकथाम और सहायक देखभाल में आयुर्वेद की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।

अपराह्न सत्र – विशेषज्ञ अतिथि व्याख्यान

स्वागत संबोधन के दौरान प्रो. (डॉ.) योगेश बडवे, चिकित्सा अधीक्षक, एआईआईए अस्पताल; प्रो. (डॉ.) मंजूषा राजगोपाल, डीन, एफएयूएम,डीयू; तथा प्रो. (डॉ.) रमाकांत यादव, डीन (पीजी) ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया।

डॉ. अमरीश डेडगे द्वारा वर्ष 2025 में सीआईओ की गतिविधियों पर एक व्यापक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें समेकित कैंसर देखभाल, अनुसंधान, जागरूकता कार्यक्रमों तथा मरीजों की सेवा में केंद्र सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को रेखांकित किया गया।

इसके बाद गणमान्य व्यक्तियों द्वारा साआईओ सूचना पुस्तिका का विमोचन किया गया, जो एआईआईए में उपलब्ध आयुर्वेद-आधारित एकीकृत ऑन्कोलॉजी सेवाओं के संबंध में जानकारी के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अतिथि व्याख्यान डॉ. अशोक पटेल, एसोसिएट प्रोफेसर, कुसुमा स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज़, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(आईआईटी), दिल्ली द्वारा दिया गया। उन्होंने कैंसर की आणविक समझ, कैंसर अनुसंधान में जीनोमिक्स की मूलभूत अवधारणाओं तथा शोध एवं स्वास्थ्य-सेवा में अंतर्विषयी दृष्टिकोण की संभावनाओं पर अहम जानकारी साझा किया।

डॉ. पटेल को उनके योगदान के लिए औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया, साथ ही सभी समन्वयकों एवं आयोजन समिति के सदस्यों को भी सम्मान प्रदान किया गया।

नारा एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को कैंसर जागरूकता की वर्तमान थीम में उनके रचनात्मक एवं बौद्धिक योगदान के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए।

अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. (डॉ.) प्रदीप कुमार प्रजापति, निदेशक, एआईआईए ने कैंसर की रोकथाम, जीवनशैली में बदलाव, प्रतिरक्षा सुदृढ़ीकरण तथा समेकित मरीजों की देखभाल में आयुर्वेद की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया और साक्ष्य-आधारित एकीकृत ऑन्कोलॉजी को आगे बढ़ाने के लिए एआईआईए की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया।

कार्यक्रम का समापन डॉ. प्रमोद यादव द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने विश्व कैंसर दिवस के इस आयोजन को सफल बनाने हेतु सभी गणमान्य व्यक्तियों, वक्ताओं, संकाय सदस्यों, छात्रों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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