सोमनाथ मंदिर एक ऐतिहासिक धरोहर – डॉ मोहित अग्रवाल, शोधकर्ता व इतिहासकार

सोमनाथ मंदिर भारत का एक महत्वपूर्ण मंदिर व स्थान है। इस मंदिर को अनेक हमलावरों व लूटरों द्वारा लूटा गया पर आज भी यही इपने स्थान पर खड़ा है। इस मंदिर का महत्व न केवल धार्मिक रूप से बल्कि सांस्कृतिक, आर्थिक व सामरिक रूप से भी है।

धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व- प्राचीन काल से ही मंदिर ज्ञान का केन्द्र रहे हैं। इन मंदिरों से गुरूकुल संचालित होते थे, जहां शिक्षा का प्रचार प्रसार होता था। साथ ही धर्म का प्रचार प्रसार भी होता था।

आर्थिक महत्व-इन मंदिरों का आर्थिक दृष्टि से भी महत्व पूर्ण माना जाता रहा है। भारत में ज्यादातर प्राचीन मंदिर व्यापार मार्गों पर बनाये जाते थे। इससे कई लाभ होते थे। मंदिर में जमा होने वाला खजाना व्यापारियों को उधार दिया जाता था, जिसे व्यापारी बढ़ाकर लौटाते थे। साथ ही मंदिरों में दान भी करते थे। यात्री भी उस समय यहां ठहरा करते थे।

सामरिक महत्व-सोमनाथ मंदिर भारत के पश्चिमी तट पर स्थित है। सामरिक दृष्टि से यह स्थान बड़ा महत्वपूर्ण है। यह उस समय सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षा चौकी का काम करता था। साथ ही यह एक उस समय बंदरगाह का काम करता था। भारत में इस तरह के कई मंदिर समुद्र किनारे इसीलिये बने हुए हैं।

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