महाराज रणजीत सिंह ने अफ़ग़ानिस्तान को जीता ही नहीं सोमनाथ का बदला भी लिया उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान के शासको को मजबूर किया कि वे सोमनाथ मंदिर के दरवाज़े को उन्हें वापस देवचंडी तो नहीं मिली क्योंकि उन्होंने उसे समय खोल कर बेच दी थी पर अफ़ग़ान शासको लिए बहुत अपमान की हाल हुव जब उन्हें सोमनाथ मंदिर का दरवाज़ा महाराजा रणजीत सिंह को देना पड़ा । वह दरवाज़ा आज स्वर्ण मंदिर महक नीचे फोटो


