१९५०-२०२५ तपोभूमि मारवाड़ी क्लब में डायमंड जुबली रामायण आयोजन संपन्न
मीडिया रिपोर्टिंग में क्रांति ओडिशा मीडिया सबसे तेज, सबसे आगे
नन्द किशोर जोशी, एक्जिक्यूटिव एडिटर, क्रांति ओडिशा मीडिया
२४ वीं एवं अंतिम कड़ी
तपोभूमि मारवाड़ी क्लब में श्रीरामचरितमानस नवान्हपारायण पाठ आयोजन सर्वाधिक सफल रहा।इस साल का आयोजन वैसे भी खास रहा , क्योंकि यह आयोजन का डायमंड जुबली साल रहा।१९५० में ओडिशा में सर्वप्रथम श्रीरामचरितमानस नवान्हपारायण सामूहिक पाठ मारवाड़ी क्लब में आयोजित हुआ था।तब से लेकर अभी तक आयोजन के ७५ साल पूरे होने के कारण इस साल का आयोजन डायमंड जुबली साल का आयोजन हुआ है।
१९५० में प्रारंभ से लेकर अभी तक विभिन्न मिलते जुलते नामों वाली भिन्न-भिन्न समितियों ने यहां रामायण का आयोजन किया है।सभी समितियों ने आयोजन में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी थी , बढ़िया से बढ़िया अपनी शक्ति, सामर्थ्य के हिसाब से राम दरबार की सेवा की है।
इस बार की समिति ने भी अपनी शक्ति और सामर्थ्य के हिसाब से बढ़िया से बढ़िया रामायण आयोजन का कार्य किया है। इस बार की समिति ने लीक से हटकर थोड़ा कार्य किया है।
उदाहरण के तौर पर कार्यक्रम शुभारंभ के पहले जहां ज्योति श्री जगन्नाथ पुरी से आती थी , वहीं इस साल ज्योति रामजी की जन्मभूमि अयोध्या राममंदिर से आयी थी । यहां से एक ११ लोगों की टिम दो गाड़ियों में बैठ कर अयोध्या गये , वहां पूरी विधि विधान से पूजा पाठ कर राम ज्योति तपोभूमि मारवाड़ी क्लब में गाजे बाजे के साथ ,जय श्री राम के उद्घोष के साथ लायी गयी। महिला भक्तों की बड़ी संख्या एक ही तरह की साड़ी में नजर आयीं, ज्योति वाहक भी एक तरह की ड्रेस कोड में नजर आये।
हमने क्रांति ओडिशा मीडिया में कटक से अयोध्या और फिर अयोध्या से कटक की पल पल की रिपोर्टिंग की है अनेक अनेक फोटो संग।ज्योति यात्रा की रिपोर्टिंग हमने ५ -६ बार की है।इसको हमने कड़ियों की रिपोर्टिंग में जोडा नहीं है। कड़ियों के हिसाब से हमने रामायण आयोजन के दूसरे दिन से आरंभ की थी,जो आज २४ वीं कड़ी में समाप्त हो रही है।
हर दिन सुबह सामूहिक पाठ की रिपोर्टिंग, कुछ खास -खास रिपोर्टिंग बीच-बीच में हम भक्तों के लिए दिये हैं। तत्पश्चात संध्या समय शिवपुराण की रिपोर्टिंग हर दिन हम बराबर देते थे। सुबह और संध्या मिलाकर हर दिन दो बार में १५-२० फोटो संग न्यूज देते थे। शिवपुराण आयोजन तपोभूमि मारवाड़ी क्लब में पहली बार हुआ है। मैंने भी जिंदगी में पहली बार शिवपुराण सुना है।
इसतरह हमने आयोजन के आरंभ से लेकर कथा विश्राम तक सैंकड़ों भिन्न-भिन्न फोटो दी है। वहीं दूसरी तरफ दूसरी मीडिया वालों ने केवल दो तीन बार ही रिपोर्टिंग की है। फोटो के नाम पर टोटल में केवल दो चार फोटो दिये हैं।
लिखने को बहुत कुछ है। मैंने १९७० की दशक वाली रामायण आयोजन की अनेक बार रिपोर्टिंग देखी है,पढ़ी है , लेकिन वो भी क्रांति ओडिशा मीडिया की रिपोर्टिंग के मुकाबले काफी कम है।
अंत में यही लिखूंगा कि आयोजकों के सहयोग से, कार्यकर्ताओं के सहयोग से, मारवाड़ी समाज बंधुओं के सहयोग से हमने अनेक सूचनाएं इकठ्ठी की ,सभी भक्तों को लेखनी के माध्यम से हमने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के चरित्र को सनातनी जनता के बीच पहुंचाने का गिलहरी प्रयास किया है।आशा है आप सभी को पसंद आया होगा,जो स्नेह, प्यार, आशीर्वाद आप सभी भक्तों ने दिया,वैसा ही भविष्य में भी बना के रखिएगा ।सभी राम भक्तों को नमन।जय श्री राम।हरि अनन्त,हरि कथा अनंता ।

