दुनिया में सबसे बड़ा ग्रंथ श्रीरामचरितमानस है। दुनिया में सबसे ज्यादा पढ़ने वाला हनुमान चालीसा है – शिवपुराण प्रवचन में पंडित श्रीकांत शर्मा । तपोभूमि मारवाड़ी क्लब में रामायण पाठ के ७५ साल पूरे

दुनिया में सबसे बड़ा ग्रंथ श्रीरामचरितमानस है। दुनिया में सबसे ज्यादा पढ़ने वाला हनुमान चालीसा है – शिवपुराण प्रवचन में पंडित श्रीकांत शर्मा । तपोभूमि मारवाड़ी क्लब में रामायण पाठ के ७५ साल पूरे

नन्द किशोर जोशी, एक्जिक्यूटिव एडिटर क्रांति ओडिशा मीडिया
बीसवीं कड़ी

मैंने जीवन में पहली बार शिवमहापुराण पूरा सुना। तपोभूमि मारवाड़ी क्लब में शिवमहापुराण ७५ सालों के इतिहास में पहली बार आयोजित किया गया। प्रवचक बोले कि श्रीरामचरितमानस दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक ग्रंथ है। श्री हनुमान चालीसा दुनिया में सबसे ज्यादा पढ़ा जाता है।आज तुलसी दास जी की श्रीरामचरितमानस पर बोलने वाले लाखों कथावाचक हैं।

महामंत्र है हर हर महादेव शंभु ,काशी विश्वनाथ गंगे ।१४ पत्तियों के बेल पत्र भी होते हैं।बड़े सौभाग्यशाली लोगों को ऐसा बेल पत्र प्राप्त होता है।

आरती का मतलब है लेने से देना। मतलब आरती लेते हैं,पैसा आरती की थाली में चढ़ाते हैं।बाबा बैद्यनाथ जाने से बाबा बासुकीनाथ के भी अवश्य दर्शन करना चाहिए।

आज १२ ज्योतिर्लिंगों की महिमा के बारे में प्रवचन में बताया गया।भीमा शंकर की विशेषता है कि आप पौंछ दीजिए, वहां फिर से जल निकल आयेगा। फिर पौंछिये , फिर जल निकलेगा।

शिव की कथा अनंत है ,ओंकारेश्वर में बहनेवाली नर्मदा नदी है। नर्मदा नदी में स्नान करने पर, दर्शन करने पर मुक्ति मिलती है।महान संत डोंगरे जी महाराज का अंतिम संस्कार नर्मदा नदी के किनारे हुआ। नर्मदा नदी की परिक्रमा करने से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं।

जब शिव ज्ञान हो जाता है, संसार को प्राप्त होता है।सियराम जय सब जग जानी। भक्ति का महत्व बहुत बड़ा है, जगन्नाथ मेरा ही स्वरुप है। भगवान बोले भगवान है तो है , नहीं तो भी है।इस देश की कीमत वेद मंत्रों से है।

शिवोहम, शिवोहम बोलने वाले को मैं शिवत्व प्रदान करता हूं।सत्य के साथ ज्यादा लोग खड़े नहीं होते।सत्य के खरीदार नहीं हैं ।गली गली गौरस बिके ,मदिरा बैठी बिक जाय। पार्थिव शिवलिंगों की बहुत महता बतायी गयी है।दूज का चांद किसी को दर्शन दे दे तो बड़ा पुण्य मिलता है।शिव बोले सोमवार का दिन मुझे बहुत प्रिय है।

भारत के सारे ज्योतिर्लिंगों का जीर्णोद्धार महान शिव भक्ता महाराणी अहिल्या बाई ने करवाया।शनि की दशा १० वर्ष तक के बच्चों को नहीं लगती। पवित्र सोमनाथ समेत सारे ज्योतिर्लिंगों के दर्शन भक्तों को अवश्य करना चाहिए।

कार्यक्रम के मध्य श्रीरामचरितमानस नवान्हपारायण पाठ आयोजन के मुख्य सूत्रधार श्रीदेवकी नंदन जोशी ने उपस्थित सभी भक्तों का तहेदिल से आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि धर्मपरायण देवकीनन्दन जोशी ने एक साल पहले ही तपोभूमि मारवाड़ी क्लब में श्रीरामचरितमानस नवान्हपारायण पाठ,संग में शिवमहापुराण आयोजन की ठान ली थी ,जो धर्म परायण जनता के आशीर्वाद, सहयोग से संपूर्ण सफल हुई। क्रमशः

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