केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने भारतीय हस्तशिल्प और हथकरघा की विविध विरासत का उत्सव मनाने और उसे बढ़ावा देने के लिए समर्पित प्रमुख खुदरा और सांस्कृतिक स्थल “द कुंज” का शुभारंभ किया

केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने नई दिल्ली के वसंत कुंज में नेल्सन मंडेला मार्ग पर प्लॉट संख्या 8 में प्रमुख खुदरा और सांस्कृतिक स्थल  कुंज” का उद्घाटन किया। यह भारतीय हस्तशिल्प और हथकरघा की विविध विरासत का उत्सव मनाने और उसे बढ़ावा देने के लिए समर्पित पहल है। यह विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय द्वारा परिकल्पित और विकसित,  कुंज अपनी तरह की अनूठी पहल है। इसका उद्देश्य कारीगरों को सशक्त बनाना, बाजार तक पहुँच बढ़ाना और डिज़ाइन-आधारित, अनुभवात्मक दृष्टिकोण से शिल्प क्षेत्र की पुनर्कल्पना करना है। इस कार्यक्रम में विदेश और वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा भी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर सचिव (वस्त्र), विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) और विकास आयुक्त (हथकरघा) सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि  कुंज भारत की पहली ऐसी पहल है जो इतने बड़े पैमाने पर शिल्प को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। यह केंद्र सरकार के कारीगरों को “गांव से वैश्विक” तक ले जाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि  कुंज की सफलता देश भर में इसी तरह की पहल के लिए आदर्श के रूप में काम करेगी और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों और हस्तनिर्मित उत्कृष्टता के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में भारत के कद की पुष्टि करेगी।

मंत्री ने  कुंज परिसर का व्यापक निरीक्षण किया, जिसमें मास्टर कारीगरों, ब्रांड संस्थापकों, क्यूरेटर और भाग लेने वाले खुदरा विक्रेताओं के साथ बातचीत की। उन्होंने क्यूरेटेड रिटेल दुकानों, लाइव क्राफ्ट प्रदर्शन क्षेत्र, इंटरैक्टिव वर्कशॉप क्षेत्र और परिसर के भूतल और पहली मंजिल पर प्रदर्शनी क्षेत्र का दौरा किया।  तीन महीने के उत्सव के शुभारंभ को चिह्नित करते हुए, द कुंज में खुदरा शोरूम/दुकानों, लाइव शिल्प प्रदर्शन क्षेत्र, कारीगरों के नेतृत्व वाली कार्यशाला, पाक अनुभव और इमर्सिव प्रदर्शनी का क्यूरेटेड मिश्रण है।

केंद्रीय मंत्री ने विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय और सभी संबद्ध टीमों की द कुंज के विज़न को साकार करने में उनके सामूहिक प्रयासों के लिए सराहना की। इनमें वैचारिक योजनाकार टीमें, विपणन टीम और डिज़ाइन क्यूरेटर शामिल हैं। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत, रचनात्मक उद्यम और अनुभवात्मक जुड़ाव के सहज एकीकरण की सराहना की। सिंह ने कहा कि यह परिसर न केवल कारीगरों के लिए सम्मानजनक और समकालीन खुदरा अवसर प्रदान करता है, बल्कि भारत की हस्तशिल्प विरासत के साथ जनता के जुड़ाव को भी नई परिभाषा देता है। केंद्रीय मंत्री ने नवनिर्मित शिल्प भवन, डीसी (हस्तशिल्प) कार्यालय का भी उद्घाटन किया। मंत्री ने  कुंज  को साकार करने में योगदान देने वाले सभी लोगों को शिल्प को प्रस्तुत करने, प्रचारित करने और सुलभ बनाने के तरीके में मानक स्थापित करने के लिए हार्दिक बधाई दी। इनमें मंत्रालय के अधिकारी, बुनियादी ढाँचा और डिज़ाइन साझेदार, रचनात्मक सहयोगी और कारीगर समुदाय शामिल हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *