सरकार ने महिला उद्यमियों को ऋण तक आसान पहुंच प्रदान करने के लिए कई पहल की हैं

सरकार समय-समय पर सभी क्रेडिट-लिंक्ड योजनाओं की समीक्षा करती है तथा महिला उद्यमियों सहित उद्यमियों को ऋण तक आसान पहुंच प्रदान करने के लिए कई पहल करती है।

केंद्रीय बजट 2025-26 के पैरा 32 के अनुसार, “पहली बार उद्यम करने वाली 5 लाख महिलाओं, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत अगले 5 वर्षों के दौरान 2 करोड़ रुपये तक का सावधि ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना में सफल स्टैंड अप इंडिया योजना से सीखे गए सबक शामिल किए जाएंगे। उद्यमिता और प्रबंधकीय कौशल के लिए ऑनलाइन क्षमता निर्माण का भी आयोजन किया जाएगा।”

8 अप्रैल, 2015 को शुरू की गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के अंतर्गत उद्यमियों को अपनी व्यावसायिक गतिविधियों को स्थापित करने या विस्तार करने के लिए 20 लाख रुपये तक का जमानत मुक्त ऋण भी प्रदान किया जाता है।

इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले पांच वर्षों के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा महिलाओं को दिए गए ऋण का ब्यौरा निम्नानुसार है:

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा महिलाओं को ऋण
(खातों की सं. लाख तथा राशि करोड़ रुपये में)
वित्तीय वर्ष खातों की सं. बकाया राशि
मार्च-20 207.60 488,459.43
मार्च-21 289.46 731,617.22
मार्च-22 305.56 836,200.08
मार्च-23 350.90 1,008,935.62
मार्च-24 387.24 1,169,279.00

 

सरकार ने योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन तथा महिलाओं सहित संभावित लाभार्थियों के समक्ष आने वाली चुनौतियों के समाधान के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ गहन प्रचार अभियान, आवेदन पत्र का सरलीकरण, ऋण गारंटी योजना, मार्जिन मनी में कमी करके स्टैंड-अप इंडिया योजना में सहायता प्रदान करना तथा कृषि से संबद्ध गतिविधियां शामिल हैं।

जन समर्थ पोर्टल पंद्रह सरकारी प्रायोजित ऋण और सब्सिडी योजनाओं को जोड़ने के लिए वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह ऋण के लिए आवेदन करने और आवेदक के डेटा के डिजिटल मूल्यांकन के आधार पर अनुमोदन प्राप्त करने का एक त्वरित और कुशल तरीका प्रदान करता है। इसके अलावा, कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने ऋण आवेदनों की एंड-टू-एंड डिजिटल प्रोसेसिंग के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप विकसित किए हैं, जिससे भौतिक तौर पर कागजी कार्रवाई और व्यक्तिगत रूप से आने-जाने की आवश्यकता कम हो गई है।

वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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