पलवल (हरियाणा): वैश्य अग्रवाल समाज ने सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़ती फिजूलखर्ची और दिखावे को रोकने के लिए महापंचायत में बड़े फैसले लिए हैं। अब समाज के युवाओं के लिए शादी से पहले लड़का-लड़की का साथ घूमना और प्री-वेडिंग फोटो शूट कराना प्रतिबंधित होगा।
पलवल में आयोजित महापंचायत में वैश्य अग्रवाल समाज जागृति मंच के संयोजक और पूर्व पार्षद बलराम गुप्ता के नेतृत्व में कई प्रस्ताव पारित किए गए। समाज का कहना है कि ये निर्णय गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने तथा सादगी को बढ़ावा देने के लिए लिए गए हैं। शादी से पहले लड़का-लड़की साथ घूमने नहीं जा सकेंगे।
प्री-वेडिंग फोटो शूट पर पूर्ण रोक रहेगी। शादी समारोह में तेज आवाज में डीजे नहीं बजेगा; बैंक्वेट हॉल में संगीत सरकारी ध्वनि सीमा के अनुसार ही चलेगा। शादी में शराब की स्टॉल लगाने पर रोक लगाई गई है। मृत्यु भोज पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया है। महंगे निमंत्रण कार्ड, मिठाई और गिफ्ट भेजने की जगह व्हाट्सएप मैसेज व फोन कॉल से न्योता देने को प्राथमिकता दी जाएगी। शादी में दोनों पक्षों को मिलाकर मेहमानों की संख्या 300 से 400 तक सीमित रखने की गाइडलाइन जारी की गई है।
खाने की बर्बादी रोकने के लिए शादी के भोजन में व्यंजनों की संख्या 21 से 31 तक सीमित रखने का प्रस्ताव पारित हुआ है। साथ ही, अनावश्यक खर्च और देर रात की असुविधा से बचने के लिए फेरे और विवाह संस्कार रात के बजाय दिन में कराने को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि इन फैसलों का उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि दिखावे और अनावश्यक खर्च को रोकना है। महापंचायत में शामिल लोगों ने इन नियमों को पहले अपने परिवारों में लागू करने और फिर घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

