मारवाड़ी युवा मंच कटक शाखा का गौरवशाली, स्वर्णिम इतिहास,14 वीं कड़ी ,अभी तक की लेखनी ट्रेलर था,आज से पिक्चर शुरू है 

मारवाड़ी युवा मंच कटक शाखा का गौरवशाली, स्वर्णिम इतिहास,14 वीं कड़ी ,अभी तक की लेखनी ट्रेलर था,आज से पिक्चर शुरू है 

नन्द किशोर जोशी,पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच,सत्र-1991-94 

 

ओडिशा समेत पूरे भारत में लोकसभा का चुनाव चल रहा था 1991 में। ओडिशा में मुख्यमंत्री थे बिजु पटनायक।बिजु पटनायक के पुत्र हैं नवीन पटनायक।बिजु पटनायक का प्रभाव उन दिनों पूरे भारत वर्ष में खूब था।बिजु पटनायक ओडिशा के मुख्यमंत्री पद पर आसीन रहे 1990-95 में।

 

1989 में भारत के प्रधानमंत्री बने विश्वनाथ प्रताप सिंह। हरियाणा के देवीलाल बने उपप्रधानमंत्री उस समय।उन दोनों पर बिजु पटनायक का जबरदस्त प्रभाव था। दोनों ही बिजु पटनायक की बहुत इज्जत करते थे। प्रधानमंत्री और उपप्रधानमंत्री में आपसी मतभेद हुए।

संपर्क खराब हुए।आये दिन दोनों में झगड़े होते थे।1989-1990 के बीच।

 

1990 में बिजु पटनायक ओडिशा शासन संभाले।शासन संभालने पश्चात उनको आये दिन दिल्ली जाना पड़ता था दोनों प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री के बीच उपजे विवाद, सत्ता संघर्ष के निपटारे के लिए।

 

आये दिन ओडिशा मुख्यमंत्री बिजु पटनायक को इमरजेंसी में दोनों के झगड़ों को सलटाने के लिए दिल्ली जाना पड़ता था।वे जब भी दिल्ली जाते झगड़े को सलटाने के लिए और काफी कुछ सलटा देते थे।तब की भारत की सारी मीडिया में प्रमुखता से छपता था बिजु पटनायक भारतीय राजनीति में क्राइसिस मेनेजर हैं।

 

बिजु पटनायक के विशाल व्यक्तित्व के चलते , प्रभाव के चलते, समझाने के हुनर के चलते प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह और उपप्रधानमंत्री देवी लाल दोनों ही कुछ दिनों के लिए आपसी संघर्ष विराम कर लेते थे।ऐसे में ओडिशा मुख्यमंत्री बिजु पटनायक की लीडरशिप बड़ी कामयाब लीडरशिप मानी जाती थी।पूरे भारत की मीडिया में बिजु पटनायक क्राइसिस मेनेजर के तौर पर महीनों छाये रहते थे।

 

भारत के सर्वाधिक प्रभावशाली नेता और ओडिशा के सफल मुख्यमंत्री रहे बिजु पटनायक।ऐसे में 1991 के लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी जनता दल के चुनाव प्रचार में बिजु पटनायक पहुंचे राजगांगपुर।

 

वहां जनसभा में बिजु पटनायक भाषण देने के लिए जैसे ही मंच पर चढ़े ,तभी उन्होंने देखा कि मंच के चारों ओर भाजपा की प्रचार सामग्री लिखी गई थी।यह देखकर बिजु पटनायक गुस्से से लाल हो गये। उन्होंने अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं से पूछा कि हमारे भाषण मंच पर भाजपा का यशोगान किसने लिखा?

 

उनके तत्कालीन कार्यकर्ताओं ने बोला कि यह सब मारवाडियों का किया धरा है।बस यह बात सुनते ही बिजु पटनायक लाल पीले हो गये। तत्पश्चात वे बोले कि ओडिशा में मारवाड़ी लोग लोटा कंबल लेकर आये थे, वापस जाओ। क्रमशः

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