इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय पवेलियन ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में भारत की डिजिटल नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया

इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2026 का 10वां आयोजन 7 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली के यशोभूमि परिसर में शुरू हुआ जिसमें भारत और विश्व भर की प्रौद्योगिकी कंपनियां, स्टार्टअप, नवप्रवर्तक, नीति निर्माता, शोधकर्ता और उद्योग जगत के दिग्गज एक साथ आए। इस कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 8 अक्टूबर, 2026 को किया।

 

“सीमाओं के बिना विस्तार” विषय के तहत 7 से 10 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित होने वाला आईएमसी 2026, अगली पीढ़ी के संपर्क और उभरती प्रौद्योगिकियों के इर्द-गिर्द संवाद, नवाचार और सहयोग के लिए एक मंच प्रदान करता है।

 

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने आईएमसी 2026 में एक समर्पित पवेलियन स्थापित किया है, जिसमें डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, नागरिक सेवाएं, भाषा प्रौद्योगिकी, डेटा संरक्षण, सेमीकंडक्टर, इंटरनेट अवसंरचना, उन्नत अनुसंधान और प्रौद्योगिकी उद्यमिता सहित विभिन्न प्रकार की डिजिटल इंडिया पहलों और क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया है।

 

इस पैवेलियन में नागरिक और सरकारी सेवाओं को समर्थन देने वाले डिजिटल आधारों की जानकारी दी जा रही है जिनमें आधार, डिजिलॉकर, उमंग और एंटिटी लॉकर शामिल हैं। ये सभी पहलें मिलकर यह दर्शाती हैं कि डिजिटल प्लेटफॉर्म किस प्रकार नागरिकों और संगठनों के लिए पहचान, दस्तावेज़ और सरकारी सेवाओं तक पहुंच को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बना रहे हैं।

एपीआई सेतु बूथ पर आगंतुक एपीआई के माध्यम से एकीकरण और सूचना आदान-प्रदान के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं जो डिजिटल प्रणालियों में अंतरसंचालनीयता को बढ़ावा देता है। यूएक्स4जी टीम आगंतुकों को नागरिक-केंद्रित डिज़ाइन के माध्यम से अपने डिजिटल संसाधनों के उपयोगकर्ता अनुभव और डिज़ाइन को बेहतर बनाने के तरीके खोजने में मदद कर रही है।

 

डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (डीपीडीपी) ढांचे को प्रदर्शित करने वाला एक बूथ डिजिटल युग में व्यक्तिगत डेटा के जिम्मेदार प्रसंस्करण और संरक्षण के महत्व का उल्लेख करता है।

 

डिजिटल इंडिया भाषिनी भारतीय भाषाओं में डिजिटल सामग्री और सेवाओं तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भाषा प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोग का प्रदर्शन कर रही है। मायगॉव इंडिया ने अपने बूथ पर ‘मन की बात’ वीडियो का एक संग्रह प्रस्तुत किया है जिसमें देश भर की कहानियों, आवाजों और जमीनी स्तर की पहलों को दर्शाया गया है।

 

इस पवेलियन में सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डीएसी) भी मौजूद है जो डीएआरपीएएन एस3 का प्रदर्शन कर रहा है। इसके साथ ही एनआईएक्सआई, समीर और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) भी हैं जो इंटरनेट आधारभूत ढांचा, अनुप्रयुक्त अनुसंधान और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्षमताओं को उजागर करते हैं।

 

सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) अपने अंतर्गत विकसित 14 स्टार्टअप्स के साथ इस कार्यक्रम में भाग ले रहा है जिससे उद्यमियों को आगंतुकों, निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिभागियों के सामने अपने उत्पादों और समाधानों को प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है। स्टार्टअप शोकेस उभरते भारतीय नवाचारों और उन प्रक्रियाओं की झलक प्रदान करता है जिनके माध्यम से तकनीकी विचारों को बाजार के लिए तैयार समाधानों में विकसित किया जा रहा है।

 

एक संवादात्मक अनुभव क्षेत्र आगंतुकों को उभरती हुई तकनीकों से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। एक बूथ आगंतुकों को अपना खुद का एआई अवतार बनाने की सुविधा देता है जबकि दूसरा बूथ वीआर-आधारित क्रिकेट का अनुभव प्रदान करता है जो एआई और गहन तकनीकों के अनुप्रयोगों को सुलभ और आकर्षक प्रारूप में प्रदर्शित करता है।

 

आईएमसी 2026 में एमईआईटीवाई की उपस्थिति डिजिटल सेवाओं, नागरिक सहभागिता, एआई, स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर, इंटरनेट अवसंरचना और उन्नत अनुसंधान को एक साथ लाती है जिससे आगंतुकों को भारत की तकनीकी क्षमताओं की व्यापकता और इन क्षेत्रों में उभरते अवसरों का संक्षिप्त अवलोकन मिलता है। छात्र, उद्यमी, सरकारी अधिकारी, शोधकर्ता और उद्योग प्रतिनिधि आईएमसी 2026 के दौरान पहलों का पता लगा सकते हैं, नवप्रवर्तकों से बातचीत कर सकते हैं और चुनिंदा प्रौद्योगिकियों का अनुभव कर सकते हैं।

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