Saturday Special Workshop का आयोजन नई सोच सफलता का सूत्रधार – मुनि जयेश कुमार

कटक, तेरापंथ महिला मंडल, कटक के तत्वावधान में तेरापंथ कन्या मंडल, कटक द्वारा त्रिदिवसीय Saturday Special Workshop का आयोजन मुनिश्री मोहजीत कुमारजी के सान्निध्य में हुआ।

इस कार्यशाला में मुनिश्री जयेश कुमार जी ने _Am I what I Think I Am?’_ , _’Can I What I Think I Can?’_ और _’Will I be what I’m Meant to be?’_ जैसे विषयों के माध्यम से सफलता के व्यावहारिक और आध्यात्मिक सूत्रों पर प्रकाश डाला।

समापन समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुनिश्री जयेश कुमार जी ने कहा कि आज के इस तेज़ी से बदलते युग में व्यक्ति नई सोच के बिना आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने युवाओं में जोश भरते हुए कहा, “मनुष्य का जन्म कुछ नया करने के लिए हुआ है, और नया करने के लिए पहले कुछ अलग सोचना जरूरी है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि एक साधारण कार्य को भी असाधारण उत्कृष्टता तब मिलती है, जब उसे करने वाले की सोच में नयापन और गहराई हो।

उन्होंने कहा कि मनुष्य का जन्म केवल लकीर का फकीर बनने के लिए नहीं, बल्कि कुछ नया और मौलिक करने के लिए हुआ है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि किसी भी कार्य को असाधारण उत्कृष्टता प्रदान करने के लिए व्यक्ति की ‘अलग सोच’ ही सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जब हम लीक से हटकर सोचते हैं, तभी एक सामान्य कार्य भी अद्वितीय बन जाता है।

सफलता और सुख के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डालते हुए मुनिश्री ने एक महत्वपूर्ण सूत्र दिया। उन्होंने कहा, “यद्यपि छोटी-छोटी चीजें खुशियां देती हैं, लेकिन बिना कुछ बड़ा किए जीवन में महानता हासिल नहीं की जा सकती।” उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि असाधारण सफलता की प्राप्ति के लिए अक्सर छोटी-छोटी क्षणिक खुशियों का बलिदान देना अनिवार्य होता है। इतिहास गवाह है कि हर महान व्यक्ति ने अपनी सुख-सुविधाओं का त्याग कर ही शिखर को छुआ है।

इस कार्यशाला में ‘ वैचारिक उलझनों का समाधान किया गया। मुनिश्री ने अंत में आशा व्यक्त की कि यहाँ प्राप्त संबोध युवाओं के भीतर न केवल नई सोच का जागरण करेगा, बल्कि उनके भविष्य को एक स्पष्ट दिशा भी प्रदान करेगा। कन्या मंडल , कटक की संयोजिका उर्वशी चोपड़ा ने मुनिश्री का आभार व्यक्त किया व इस विशिष्ट आयोजन की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि यह कार्यशाला प्रतिभागियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण ‘टर्निंग पॉइंट’ बनेगी।

इस उपक्रम के सफल समायोजन में प्रभारी कुसुम पारख समेत अनेक कन्याओं का विशेष योगदान रहा। कार्यशाला में कन्याओं, किशोर मंडल, कटक के सदस्यों की सक्रिय सहभागिता के साथ ही श्रावक समाज की महनीय उपस्थिति रही।

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