मत्स्य पालन विभाग ने विशेष अभियान 5.0 के चरण 2 में 82 प्रतिशत जन शिकायतों का समाधान किया

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत मत्स्य पालन विभाग स्वच्छता, दक्षता और बेहतर कार्य वातावरण को बढ़ावा देने के लिए “स्वच्छता ही सेवा” अभियान के दूसरे चरण को प्रमुखता से क्रियान्वित कर रहा है। यह चरण सरकार के उत्तरदायी शासन के व्यापक दृष्टिकोण के साथ रणनीतिक रूप से जुड़ा है। यह अभियान लंबित मामलों के शीघ्र निपटान पर केंद्रित है, जिसमें संसद सदस्यों, प्रधानमंत्री कार्यालय, विशिष्ट लोगों और राज्य सरकारों के संदर्भ शामिल हैं। इनके साथ ही, इसमें जन शिकायतों का समय पर समाधान भी शामिल है। मत्स्य पालन विभाग व्यवस्थित अपशिष्ट प्रबंधन और ई-कचरे, अनावश्यक सामग्रियों और अप्रचलित फाइलों के जिम्मेदारीपूर्ण निपटान के माध्यम से स्थायी कार्यालय प्रथाओं को अपना रहा है। ये प्रयास परिचालन दक्षता और कार्यस्थल की सुंदरता में सुधार ला रहे हैं, जिससे एक स्वच्छ, हरित और अधिक उत्पादक कार्यालय वातावरण को बढ़ावा मिल रहा है।

अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2025 तक चलने वाले चालू कार्यान्वयन चरण की प्रमुख उपलब्धियां :

  • 50 निर्धारित स्वच्छता अभियानों में से 45 सफलतापूर्वक पूरे किये गये
  • लक्षित 65 जन शिकायतों में से लगभग 82 प्रतिशत अर्थात 53 शिकायतों का निपटारा किया गया

· [विशेष अभियान 5.0 के दौरान 50 लंबित जन शिकायतों और 15 अपीलों अर्थात कुल 65 जन शिकायतों के निपटारे का लक्ष्य रखा गया था। लक्षित 65 जन शिकायतों में से 53 (45 लोक शिकायतें और 8 अपील) का निपटारा कर दिया गया है]

  • 113 पुरानी फाइलें हटाई गईं
  • रद्दी, ई-कचरे और अनावश्यक दस्तावेजों के निपटान के माध्यम से 50 वर्ग फुट कार्यालय स्थान काम लायक बनाया गया

ये परिणाम पारदर्शिता, दक्षता और स्वच्छ भारत मिशन के मूल सिद्धांतों के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

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