सिएमएस प्रेसिडेंट चुनाव पर विशेष  संजय का चुनावी पलड़ा बहुत भारी 

सिएमएस प्रेसिडेंट चुनाव पर विशेष 

संजय का चुनावी पलड़ा बहुत भारी 

विशिष्ट संवाददाता 

 

कल कटक मारवाड़ी समाज के प्रेसिडेंट का चुनाव है।8100 से ज्यादा वोटर हैं इस चुनाव में। पिछले 15-20 दिनों से घनघोर चुनाव प्रचार कटक मारवाड़ी समाज प्रेसिडेंट हेतु होता रहा लगातार।समाज बंधुओं ने चुनाव प्रचार में जमकर हिस्सा लिया। दोनों उम्मीदवारों ने आखिरी समय तक प्रचार में अपनी सारी शक्ति झोंकी।

 

चुनाव प्रचार में कुछ हल्की बातें भी हुई।यह नहीं होनी थी, लेकिन हुई। चुनाव के पर्चा दाखिल से लेकर कल तक यानी प्रचार खत्म होने तक संजय शर्मा की साफ साफ बढ़त दिखाई देरही थी। कार्यकर्ताओं की बड़ी ग्रुप संजय शर्मा के साथ बराबर घूमती हुई दिखी।

 

संजय वर्तमान सिएमएस के प्रेसिडेंट हैं। आगामी दो साल के टर्म के लिए वोट मांग रहे हैं। संजय ने पिछले दो वर्षों में समाजसेवा के अच्छे कार्य कर लोगों को दिखाया है। अपने सेवा मूलक कार्य के आधार पर संजय समाज बंधुओं, मातृशक्ति, युवा शक्ति से वोट मांग रहे हैं। इसके लिए संजय ने अपना संकल्प पत्र भी जारी किया है, जिसमें उल्लेख है कि जीतने पर ये सारे लोकहितार्थ कार्यक्रम करेंगे।

 

संजय के उल्लेखनीय कार्यों में है शिक्षा के क्षेत्र में स्कोलरशिप मुहैया कराना समाज के गरीब मेधावी छात्र -छात्राओं को।मेधावी बच्चों को इसमें काफी सहारा मिला है।इसके अलावा संजय द्वारा एक मुफ्त होम्योपैथिक डिस्पेंसरी चल रही है मारवाड़ी क्लब के सामने पुरानी धर्मशाला परिसर में।

 

उपरोक्त दोनों ही कार्य किसी भी सरकार के लिए वरीयता प्राप्त कार्यक्रम है। लोकप्रिय सरकारें ये कार्यक्रम करती रहती हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा,सरकारों के लिए टोप प्रायोरेटि कार्यक्रम होते हैं।इसी को संजय ने शुरू से ही समाज हित में प्रायोरिटी दी,बिना किसी सरकारी मदद के ।

 

मारवाड़ी क्लब परिसर में पिछले कुछ सालों से रोगियों को मेथी ट्रिटमेंट दिया जाता है मुफ्त में संध्या समय। इसके अलावा जल चिकित्सा, चुंबकीय चिकित्सा भी दी जारही है मुफ्त में। मारवाड़ी क्लब परिसर के योगासन होल में हर दिन सुबह योगासन कराया जाता है। उपरोक्त सारे स्वास्थ्य संबंधी लोकहितार्थ कार्यक्रम में मारवाड़ी क्लब सेक्रेटरी हिसाब से संजय की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

 

आत्मनिर्भर समाज की भावना को संजय ने अच्छी तरह से चलाया है।समाज की मातृशक्ति को सबल बनाने के लिए पुरानी धर्मशाला परिसर में आलू चिप्स,खजला ,सुहाली इत्यादि बनायी जाती है तथा बिक्री की व्यवस्था की गयी है।इससे समाज की मातृशक्ति जहां आय के मामले में सबल हुई हैं , वहीं समाज के कुछ कमजोर लोगों को रोजगार का अवसर मिला है।

 

अब दूसरे उम्मीदवार पवन जाजोदिया की चर्चा कर लेते हैं।पवन फिलहाल दो वर्षों से यूपिएमएस कटक के प्रेसिडेंट तौर पर कार्यरत हैं।पवन के लिए अच्छा यह रहता कि वे दूसरा टर्म यूपिएमएस के प्रेसिडेंट के तौर पर चुनाव लड़ते और अपने दो सालों के कार्यकाल के आधार पर वहां वोट मांगते।आम वोटरों की राय यह है कि पवन को यूपिएमएस में दूसरे टर्म के लिए खड़ा होना चाहिए था, यहां सिएमएस में खड़ा नहीं होना था। जहां कार्य किया है, वहीं वोट मांगते, बेहतर होता।

 

वहां अगर अच्छे समाज हित कार्य किये होते तो अपने कार्यों के आधार पर वोटरों से वोट मांगते, हो सकता है वोटिंग में वहां सफल हो जाते। वहां यूपिएमएस में नहीं खड़े होकर, यहां सिएमएस में खड़ा होना, साधारण वोटरों की समझ से परे है।

 

हो सकता है कि पवन को समझ में आगया है कि यूपिएमएस में खड़े होने पर जीतने की संभावना कम है। इसलिए सिएमएस प्रेसिडेंट के लिए यहां खड़े हो गये हैं। चूंकि दोनों सामाजिक संगठन में वोटर प्रायः कोमन हैं, अतः ज्यादा चालाकी यहां चलने की संभावना दिखाई नहीं दे रही है। साधारण वोटर सब समझता है। उम्मीदवार की चालाकियों को और लोकहितार्थ कार्यकर्मों को परख कर ही वोट देगा।

 

उपर लिखित सारे पैमानों पर संजय जहां खरा उतरते हैं, वहीं पवन लोकहितार्थ कार्यकर्मों में खरा नहीं उतरते हैं। लोगों के बीच संजय की लोकप्रियता सर्वाधिक है, वहीं पवन की लोकप्रियता काफी कमजोर दिखाई दे रही है।

 

अंत में कल जन्माष्टमी पर्व की बात उल्लेख करना है। श्रीगोपीनाथ मंदिर में कल जन्माष्टमी पर्व पर रात्रि समय संजय गोपीनाथ मंदिर पहुंचे कृष्ण भगवान दर्शन हेतु। उनके साथ बड़ी तादाद में भक्तों की टोली थी ।सारे भक्त गणों का एकसाथ जमावड़ा दिखा। संजय थोड़ी देर श्रीगोपीनाथ मंदिर में रुके, दर्शन किए और चले आए।

 

वहीं संजय के जाने पश्चात पवन श्रीगोपीनाथ मंदिर पहुंचे। उनके साथ एक भी भक्त नहीं था। इससे लोकप्रियता मामले में कौन कहां खड़ा है ,साफ दिखाई देता है।कल के चुनाव परिणाम का आभास इसी से साफ झलकता है। अतः संजय का पलडा चुनाव में भारी है,पवन का शुरु से कमजोर पलडा था, अंतिम समय भी कमजोर ही साबित हुआ।

 

लोकप्रियता और सुसंगठन के आधार पर संजय की जीत की संभावना बड़ी वोटों से साफ साफ दिखाई दे रही है।बड़ी मार्जिन से संजय की जीत होती साफ साफ दिखाई दे रही है।

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