नई दिल्ली, मणिपुर में तीन वर्षों से अधिक समय से जारी हिंसा, विस्थापन, सामाजिक-आर्थिक अस्थिरता और सामान्य जनजीवन पर पड़े गंभीर प्रभाव के बीच राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन ने आज नई दिल्ली में संत समाज, विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों तथा मणिपुर से आए प्रतिनिधिमंडलों के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोहन गिरी ने मणिपुर की वर्तमान परिस्थितियों पर संगठन का दृष्टिकोण रखते हुए घोषणा की कि वे स्वयं मणिपुर का दौरा करेंगे और स्थानीय समुदायों, स्वदेशी निवासियों, विस्थापित परिवारों तथा शांति चाहने वाले नागरिकों से सीधे वार्ता कर “वार्ता से निराकरण” की दिशा में ठोस प्रयास करेंगे।

इसी उद्देश्य से संगठन ने “चलो मणिपुर” अभियान का आह्वान किया है।
सोहन गिरी का संदेश — “मणिपुर के लोगों के बीच जाकर उनकी बात सुननी होगी”
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोहन गिरी ने कहा:
“मणिपुर में शांति केवल आश्वासनों से स्थापित नहीं होगी। स्थायी शांति के लिए वार्ता, सुरक्षा, न्याय और स्वदेशी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा—इन सभी विषयों पर गंभीरता से काम करना होगा। मैं स्वयं मणिपुर जाऊंगा, स्थानीय समुदायों, स्वदेशी निवासियों, विस्थापित परिवारों और शांति चाहने वाले नागरिकों से मिलूंगा, उनकी पीड़ा और समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझूंगा तथा वार्ता के माध्यम से निराकरण की दिशा तलाशने का प्रयास करूंगा।” उन्होंने कहा: “मणिपुर में अवैध घुसपैठ और स्वदेशी आबादी के अधिकारों का प्रश्न अत्यंत गंभीर है। हमारा संगठन मानता है कि अवैध प्रवासियों की पहचान और स्वदेशी हितों की सुरक्षा के लिए संवैधानिक एवं कानूनी व्यवस्था के अंतर्गत राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को पूरे मणिपुर में वर्ष 1951 को आधार वर्ष मानकर अद्यतन करने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।”
सोहन गिरी ने आगे कहा: “हमारा उद्देश्य किसी समुदाय के विरुद्ध खड़ा होना नहीं, बल्कि मणिपुर के सभी निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और भविष्य सुनिश्चित करना है। हिंसा का कोई स्थान नहीं है। वार्ता ही निराकरण का रास्ता है और इसी भावना के साथ ‘चलो मणिपुर’ अभियान आगे बढ़ाया जाएगा।” वार्ता से निराकरण — मणिपुर के लोगों की बात सुनना जरूरी संगठन ने कहा कि मणिपुर की समस्या का निराकरण केवल प्रशासनिक या सुरक्षा उपायों से नहीं हो सकता। इसके लिए प्रभावित पक्षों के बीच विश्वास बहाली, निरंतर वार्ता, कानून-व्यवस्था की मजबूती तथा विस्थापित नागरिकों की सुरक्षित एवं सम्मानजनक वापसी आवश्यक है।

राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन के अनुसार तत्काल प्राथमिकताएं हैं:
1. वार्ता और विश्वास बहाली
मणिपुर के विभिन्न प्रभावित समुदायों, नागरिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित प्रशासनिक एवं सुरक्षा तंत्र के बीच निरंतर और सार्थक वार्ता स्थापित की जाए।
2. विस्थापित नागरिकों का सुरक्षित पुनर्वास
लंबे समय से राहत शिविरों में रह रहे विस्थापित नागरिकों के लिए सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा परिस्थितियां अनुकूल होने पर उन्हें उनके मूल स्थानों पर सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी का अवसर दिया जाए।
3. सामान्य जनजीवन की बहाली
राज्य में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, सड़क एवं राजमार्ग संपर्क, व्यापार, शिक्षा और रोजगार सहित सामान्य जनजीवन को शीघ्र बहाल किया जाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संत समाज और विभिन्न संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही, जिनमें: स्वामी धनंजय जी, साधु राम तिवारी, मुकेश जैन, राष्ट्रीय अध्यक्ष, दारा सेना, नेतरपाल शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, श्री राम सेना, मणिपुर की जमीनी परिस्थितियों और प्रभावित नागरिकों की समस्याओं को सांता नाहकपाम, महासचिव, यूनाइटेड कमेटी ऑफ मणिपुर तथा डॉ. कम्मी हीरा कबुई, अध्यक्ष, कबुई यूनियन मणिपुर ने विस्तार से रखा। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन एम. इंद्रजीत सिंह ने किया।
संगठन की प्रमुख मांगें
1. NRC को लेकर स्पष्ट एवं पारदर्शी प्रक्रिया
मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को वर्ष 1951 को प्रस्तावित आधार वर्ष मानकर अद्यतन करने की प्रक्रिया पर विचार किया जाए और इसे संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से लागू किया जाए।
2. अवैध घुसपैठ एवं हिंसा पर प्रभावी कार्रवाई
अवैध घुसपैठ, हथियारबंद हिंसा और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के विरुद्ध संविधान और कानून के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
3. राष्ट्रीय राजमार्ग एवं आपूर्ति मार्ग बहाल किए जाएं
मणिपुर के आवश्यक आपूर्ति मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जाए, ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था और आम जनता प्रभावित न हो।
4. विस्थापितों की सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी
विस्थापित नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और मूल स्थानों पर स्वैच्छिक एवं सुरक्षित पुनर्वास के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
“चलो मणिपुर” — देश को मणिपुर की आवाज सुननी होगी
राष्ट्रहित सर्वोपरि संगठन ने कहा कि “चलो मणिपुर” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि मणिपुर के लोगों की बात देश के सामने रखने और वार्ता के माध्यम से निराकरण तलाशने का प्रयास है।
संगठन ने सभी पक्षों से हिंसा का रास्ता छोड़ने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, संवैधानिक व्यवस्था का सम्मान करने तथा शांति और वार्ता के लिए आगे आने की अपील की।

