सोमनाथ शिवलिंग के दिव्यांशों के दर्शन हेतु भी मुख्यमंत्री ने दिया सहयोग का आश्वासन!
रायपुर (छत्तीसगढ़) : छत्तीसगढ़ के विभिन्न तीर्थस्थलों, पवित्र नदियों और पौराणिक स्थलों की आध्यात्मिक मूल्य वाली वस्तुओं और वास्तुओं को भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ‘सनातन संस्था’ को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। यह महत्वपूर्ण आश्वासन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दिया।

सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले जी की आध्यात्मिक उत्तराधिकारी श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळ और श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजलि गाडगीळ ने हाल ही में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से शिष्टाचार भेंट की। इस भेंट के दौरान सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर विस्तृत चर्चा हुई, जिस पर मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन दिया।

*सोमनाथ शिवलिंग के दिव्यांशों के दर्शन करेंगे श्रद्धालु*
एक सहस्र वर्ष पूर्व महमूद गजनवी ने ऐतिहासिक सोरटी सोमनाथ शिवलिंग का विध्वंस किया था; परंतु सौभाग्य से उस शिवलिंग के दिव्यांश आज भी सुरक्षित हैं। विशिष्ट चुंबकीय तत्व वाले इस सोमनाथ शिवलिंग के दिव्यांशों के दर्शन छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को भी प्राप्त हो सकें, इसके लिए केंद्र सरकार के ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ अभियान के अंतर्गत राज्य में विशेष आयोजन करने के संदर्भ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए प्रशासकीय सहयोग का आश्वासन दिया।

*मुख्यमंत्री ने की सनातन के कार्यों की सराहना*
इस विशेष भेंट के दौरान माननीय मुख्यमंत्री ने सनातन संस्था द्वारा राष्ट्र और धर्म के हित में देश भर में चलाए जा रहे कार्यों तथा गोवा स्थित सनातन आश्रम में चल रहे आध्यात्मिक अनुसंधान के विभिन्न उपक्रमों की अत्यंत रुचि के साथ जानकारी ली। इस महत्वपूर्ण अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री प्रबल प्रताप जूदेव, हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति के अधिवक्ता आशीष शर्मा, हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ राज्य संगठक श्री सुनील घनवट तथा समिति के छत्तीसगढ़ से सर्वश्री कमल विश्वास, आशीष परेड़ा, रोहित सिंह तिरंगा, हेमंत कानसकर और नीरज क्षीरसागर उपस्थित थे।

