भाजपा नेता कानूनन तय समय पर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे  ममता करा रही अपनी घनघोर बेइज्जती 

भाजपा नेता कानूनन तय समय पर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे

ममता करा रही अपनी घनघोर बेइज्जती

नन्द किशोर जोशी

एक्जिक्यूटिव एडिटर, क्रांति ओडिशा मीडिया,बीकोम एलएलबि , पूर्व नेता प्रतिपक्ष,कटक म्यूनिसिपल काउंसिल

 

हमारा देश संविधान के अनुसार चल रहा है। हमारे संविधान, कानून,नियम में निर्वाचित सरकार के आने का और पराजित नेता, सरकार के जाने की पूरी प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट विस्तार से वर्णन किया गया है। कहीं कोई कन्फ्यूजन नहीं है।

चुनाव हारने के पश्चात भी ,

ममता का बोलना कि मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। सरासर ग़लत बोल रही है ममता।अपनी ओछी हरकत से ममता बेइज्जती नहीं घनघोर बेइज्जती करा रही है अपनी।

हमारे संविधान निर्माताओं ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि देश में ऐसे नेता भी भविष्य में आयेंगे,जो चुनाव हारने पर भी इस्तीफा नहीं देना चाहेंगे। अराजकता का माहौल पैदा करेंगे, लोगों को भ्रमजाल में फंसाकर रखने की कोशिश करेंगे।

ममता अगर एक दो दिन में स्वयं इस्तीफा नहीं देती है तो उसको नियम, कानून, संविधान के तहत राज्यपाल बर्खास्त कर देंगे,ऐसी व्यवस्था संविधान में है।

चुनावी नियम के अनुसार चुनाव पश्चात सभी नवनिर्वाचित विधायकों की सूची राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त राज्यपाल को सौंपेंगे। तत्पश्चात सरकारी नोटिफिकेशन उसी अनुरूप होगी। सरकार गठन प्रक्रिया आरंभ होगी ।

राज्यपाल नवनिर्वाचित विधायकों के बहुमत वाले समूह के नेता को राज्य में सरकार गठन करने का न्यौता देंगे। उसके पहले बहुमत वाले दल के नेता अपने सभी विधायकों के दस्तखत वाली सूची राज्यपाल को सौंपेंगे। उसमें लिखित रुप में राज्यपाल से अनुरोध किया जायेगा कि हमारे नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर निर्वाचित नेता को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाये।

राज्यपाल उसके पश्चात तुरंत बहुमत वाले समूह के नेता को सरकार गठन के लिए निमंत्रण देंगे।

अब सवाल यह उठता है कि ममता अगर इस्तीफा नहीं देंगी ,तब क्या होगा। राज्यपाल ममता सरकार को नोटिस या बिना नोटिस तुरंत बर्खास्त कर देंगे क्योंकि पुरानी विधानसभा खत्म हुई,नयी गठित विधानसभा में नये नेता आयेंगेऔर तुरंत नयी निर्वाचित दल के बहुमत वाले समूह के नेता को शपथ ग्रहण करायेंगे मुख्यमंत्री पद की। इसतरह प्रक्रिया में चंद घंटे लग सकते हैं। तत्पश्चात शपथग्रहण होगा, बहुमत वाले दल के नेता,विधायक दल के नेता शपथग्रहण करेंगे।

उपरोक्त वर्णित सारे नियम, कानून, संविधान के तहत ममता का अपमानित होकर जाना तय है, नवनिर्वाचित विधायकों के नेता का शपथग्रहण होना समयानुसार, संविधान अनुसार तय है। केवल एक दो दिन, चंद घंटों का फासला है।

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