वाजपेई ने झाड़ू मांगी कोलकाता में 1986 में,
भाजपा को झाड़ू मिलेगी टिएमसि सफाई के लिए कल 2026 में
नन्द किशोर जोशी
एक्जिक्यूटिव एडिटर
क्रांति ओडिशा मीडिया
आज से लगभग चालीस साल पहले की बात है कोलकाता म्युनिसिपल कोर्पोरेशन का चुनाव चल रहा था। कोलकाता में कुल 140 वार्डों की संख्या हुआ करती थी।
भाजपा की तरफ से भी कुछ उम्मीदवारों ने चुनाव में हिस्सा लिया था।अटल बिहारी वाजपेई अपनी वाकपटुता, शानदार भाषण के लिए भारत विख्यात थे। भाजपा का उन दिनों बंगाल में कोई वजूद नहीं था।
अटल बिहारी वाजपेई ने उन दिनों बड़ाबाजार के सत्यनारायण पार्क में जनसभा को सम्बोधित किया। वाजपेई ने कोलकाता वासियों को निवेदन किया कि हमें कोलकाता म्युनिसिपल कोर्पोरेशन चुनाव में सत्ता नहीं चाहिए, केवल कुछेक वार्डों में सफाई के लिए झाड़ू चाहिए।
कोलकाता की जनता ने वाजपेई के अनुरोध को स्वीकार किया और उस चुनाव में 2 वार्डों के लिए कांउसिलर जीता दिये।उसी चुनाव में कांग्रेस को मिली 69 सिटें और कम्यूनिस्टों को मिली 69 सिटें । मतलब हंग कांउसिल ।
चूंकि कांग्रेस अखिल भारतीय स्तर पर भाजपा की एक नंबर विरोधी पार्टी थी। इसलिए काउंसिल में मेयर , डेपुटी मेयर के लिए भाजपा से समर्थन मांगने में राजनीतिक दिक्कत थी , सेकुलर छवि खराब होने का खतरा था, अतः कांग्रेस ने समर्थन नहीं मांगा भाजपा से।
बंगाल में कम्युनिस्टों का शासन था, ज्योति बसु मुख्यमंत्री थे , लेफ्ट फ्रंट के चेयरमैन थे कोमरेड प्रमोद दास गुप्ता। दोनों ने मार्क्सवादी आदर्श को तिलांजलि देकर भाजपा से समर्थन मांगा। बोले कि वाजपेई और आडवाणी भद्रलोक हैं, हमें समर्थन देंगे।
कम्युनिस्टों ने काउंसिल गठन किया। भाजपा को झाड़ू मिली कोलकाता म्युनिसिपल चुनाव में पहली बार। बंगाल में शुभारंभ हुआ भाजपा का प्रथम बार।
कल बंगाल विधानसभा चुनाव की गिनती है।सारे आकलन, संभावनाएं बताती है कि गिनती में भाजपा को शानदार, जानदार सफलता मिलेगी। बंगाल में कमल खिलेगा और भाजपा सरकार बनायेगी।
मतलब 1986 में भाजपा का 2 सिटों का चुनावी सफर म्युनिसिपल चुनाव में,कल विधानसभा में बड़ी सफलता देने वाला है। मतलब भाजपा को झाड़ू मिलेगी गिनती में टिएमसि सफाई के लिए,2026 में।


