कटक , आज “अणुव्रत का आकाश, संयम का प्रकाश” विषय पर स्थानीय तेरापंथ भवन काठगढ़ शाही में अणुव्रत समिति कटक, द्वारा समणी निर्देशिका डॉ निर्वाण प्रज्ञा जी एवं मध्यस्थप्रज्ञा जी के सान्निध्य में कार्यशाला का आयोजन हुआ। सर्वप्रथम समणी वृंद द्वारा नमस्कार महामंत्र के सामूहिक संगान द्वारा कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ।
अणुव्रत समिति कटक के अध्यक्ष संतोष सिंघी द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया। आपके द्वारा अणुव्रत आंदोलन की संक्षिप्त जानकारी भी दी गई। अणुव्रत समिति के सदस्यों द्वारा अणुव्रत गीत के संगान द्वारा मंगलाचरण किया गया। आज की कार्यशाला में समिति के सदस्यों द्वारा अणुव्रत के नियमों पर बहुत ही सुंदर, रोचक अभिनय किया गया। इस अभिनय के माध्यम से अणुव्रत के नियमों को व्यवहारिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा मिली। अणुव्रत अर्थात छोटे- छोटे नियम, समणी वृंद ने अणुव्रत के 11 नियमों को विस्तार से समझाया।
आज की परिषद में उपस्थित सभी व्यक्तियों ने अणुव्रत के नियमों को स्वीकार किया। समणी वृंद ने सभी को अणुव्रत के संकल्प दिलवाए। अणुव्रती बनकर हर व्यक्ति अच्छा श्रावक होने का फर्ज निभा सकता हैं। आज की कार्यशाला में अणुव्रत समिति, तेरापंथ सभा, महिला मंडल, ज्ञानशाला परिवार, युवक परिषद, कन्या मंडल, किशोर मंडल सभी संस्थाओं की उपस्थिति रही। आज की कार्यशाला का कुशल संयोजन सुश्री निहारिका सिंघी द्वारा किया।
आज सुश्री निहारिका सिंघी का अणुव्रत समिति कटक की ओर से विशिष्ट सहयोग हेतु उत्तरीय पहना कर, स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मान किया गया। समणी वृंद के मंगल पाठ के साथ आज की कार्यशाला का समापन हुआ। आभार ज्ञापन समिति की मंत्री वर्षा मरोटी द्वारा किया गया।

