केजरीवाल ने पहला व दूसरा चुनाव ब्यवस्था परिवर्तन वाले कार्य कर्तावों के सहारे जीता दूसरा चुनाव तरह की जनता को छूत देने क नाम पर जीत गया पंद्रह वर्ष में केजरीवाल ने दिल्ली के लिए कोई काम नहीं किया दिल्ली की जनता ने केजरीवाल को सत्ता से बाहर कर दिया ममता बनर्जी को २०११ में बिजे इस लिये मिली कि ऑस्कर्फ़रंडिस ने सोनिया गांधी को प्रणब मुखर्जी के। आयरन के नव जुड़ कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस से समझौता करा दिया या समझौता नहीं बो होता तो ममता ३० सिट से बढ़ कर ७० सिट से अधिक नहीं हो सकती थी ममता का स्वभाव देखनेमें मिलता है ट्रिम मूल कांग्रेसी व कांग्रेस मी लड़ाई में एक नंबर बनने के किये बाजपेयी की हवा का सहारा लिया अपना काम बनवाया बंगाल में त्रिमूल कांग्रेस से।
आदि बन गई वाजपेयी को लत मार दिया सोनिया का सहारा लेकर। अंगुल में सत्ता मे आई सत्ता में आने के बाद कांग्रेस को ख़त्म करने में लग गई ममता ने २०११ का। बुनावट सोनिया गांधी की मेहरबानी से जीता २०१६ का चुनाव विपक्ष कवोटो के विभाजन के चलते जीता २०२१ का चुनाव मुस्लिम साप्रसदायिकता का नंगा खेल खेल कर कांग्रेस का सारा मुस्लिम वॉट लेइया लोक सभा। हमसे में बीजेपी को १२८ सिट में। आधार मिली थी वह एफ़घट कर ७७ पर आ गई ममता १६० से २११ पर पहुँच गई। माँ केजरीवाल की तरह ममता किस मग से बंगाल की जनता के पद जाएगी बंगाल मार्क कारख़ाना लगवाने में ममता असफल रही जनता के बीच ममता के मंत्रियों की छवचोर मंत्रियों की है ममता ने मुस्लिम वोट शत प्रतिशत पाने के।
जलकर में मुस्लिम सांप्रदायिकता को खुला खेल खेलने की छूट दे दी उन्होंने हिंदू महिलाओं का बलात्कार किया दुर्गा मण्डप सरस्वती पूजा पर हमला किया मुस्लिम वोट पाने में आँधी ममता हिंदुओं पर अत्याचार देखती रही एक भी मुस्लिम अत्याचारी को गिरफ़्तार नहीं किया ममता मो बंगाल की ७० प्रतिशत बिंदु जनता २०१६ में अच्छी दीक्षा देगी ममता सांप्रदायिक राज नीति करना भूल जाएगी।

