मारवाड़ी युवा मंच कटक शाखा का गौरवशाली, स्वर्णिम इतिहास, 15वीं कड़ी,1991 में ओडिशा मुख्यमंत्री बिजु पटनायक बोले मारवाड़ी लोटा कंबल लेकर आये थे, वापस जाओ(प्रथम भाग)

मारवाड़ी युवा मंच कटक शाखा का गौरवशाली, स्वर्णिम इतिहास, 15वीं कड़ी,1991 में ओडिशा मुख्यमंत्री बिजु पटनायक बोले मारवाड़ी लोटा कंबल लेकर आये थे, वापस जाओ(प्रथम भाग)

नन्द किशोर जोशी,पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच,सत्र-1991-94

मैंने कल वाली लेखनी में लिखा था कि ओडिशा,भारत में 1991 वाला लोकसभा चुनाव चल रहा था।भारत के समस्त मुख्यमंत्रियों में बिजु पटनायक अति प्रभावशाली मुख्यमंत्री उन दिनों हुआ करते थे। अपने रौबदार व्यक्तित्व के कारण उन दिनों बिजु पटनायक भारतीय मीडिया के आंखों के तारे हुआ करते थे।

 

उन दिनों यानि 1990-91 में भारत के प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह और उपप्रधानमंत्री देवीलाल, बिजु पटनायक जब जब दिल्ली जाते थे,तो वे अलग-अलग बिजु पटनायक से भेंट करने के लिए दिल्ली के चाणक्य पुरी स्थित ओडिशा भवन आते थे।यानि भारत के प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री ओडिशा के मुख्यमंत्री बिजु पटनायक से मिलने दिल्ली स्थित ओडिशा भवन बराबर आया करते थे।इसी से समझ लीजिए कि ओडिशा के मुख्यमंत्री उस समय भारत की राजनीति में कितने शक्तिशाली हुआ करते थे।

 

ऐसे में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान राजगांगपुर में जनता पार्टी के नेता बिजु पटनायक के सभा मंच के चारों ओर भाजपा प्रचार सामग्री लिखी मिली।बिजु पटनायक यह देखकर भयंकर नाराज हुए, कार्यकर्ताओं ने बोला यह सब मारवाड़ी लोगों ने किया है।

 

तब बिजु पटनायक गुस्से से लाल पीले हुए और बोले मारवाड़ी लोग ओडिशा में लोटा कंबल लेकर आये थे,अब वापस जाओ।बिजु पटनायक के मुंह से ये शब्द निकलते ही तुरंत ओडिशा की मीडिया और भारत की मीडिया में सुर्खियां बटोरे। विशेष रूप से ओडिशा की मीडिया ने इस खबर को खास तवज्जो दी।

 

मारवाड़ी लोग ओडिशा में लोटा कंबल लेकर आये थे, वापस जाओ। मीडिया की यह खबर तुरंत आग की तरह फ़ैल गई ओडिशा में।। पूरी ओडिशा के मारवाड़ी लोग दहशत में आ गये। करें तो क्या करें, कैसे करें,मारवाडियों को कुछ सूझ नहीं रहा था।

 

एक झटके में ओडिशा के मारवाडियों में भय का वातावरण बन गया।ऐसे में मारवाड़ी लोग डर के साये में जीने को मजबूर हुए।इस अचानक आई राजनीतिक मुसीबत से निकलने का , छूटकारा पाने का मारवाड़ी लोगों के पास कोई रास्ता नहीं था।उन दिनों बड़ी परेशानी हालात में मारवाड़ी जीने को मजबूर थे।

 

उन दिनों मारवाड़ी अपने शादी विवाह में बड़ी सादगी बरतने लगे। दिखावा संपूर्ण बंद हुआ। विवाह में तामझाम, डेकोरेशन जैसे गायब होगया। मैंने उन दिनों कटक में मारवाड़ी बंधुओं की दो शादियां एटेंड की। दोनों ही जगह छत पर भय के मारे डेकोरेशन उतारा जा चुका था।पूछने पर मुझे बोले कि आपको मालूम नहीं है क्या ? आजकल मारवाडियों के प्रति राज्य में भयंकर माहौल खराब है।

 

ऐसी भयंकर, विकराल समस्या से जूझने के लिए,निपटारे के लिए मारवाड़ी युवा मंच कटक शाखा के सक्रिय कार्यकर्ताओं ने योजना बनानी शुरु की।रोज रात को 9 बजे गुप्त रुप से 5-6 कार्यकर्ता मिला करते थे साथी दीनदयाल क्याल के कारखाने में,पीठापुर के निकट ताराचंद पाटना में।वह एरिया भीड़भाड़ से थोडा दूर था,गली में था। इसलिए उस जगह को हमने चुना गुप्त मीटिंग के लिए।

 

वहां हमारे स्कूटर कारखाने के बाहर दूर दूर पर हम लोग रखते थे।वह इसलिए कि पुलिस की स्पेशल ब्रांच शाखा गुपचुप तरीके से काफी सक्रिय होगयी थी। स्पेशल ब्रांच पुलिस की पैनी नजर से बचने के लिए हम ऐसा करते थे गुपचुप तरीके से।

 

उल्लेखनीय है कि पुलिस विभाग में एक स्पेशल ब्रांच पुलिस हुआ करती है ,उसका एक ही काम है कि सरकार के खिलाफ, सरकार के मुखिया के बयान के बाद, कहीं कोई जनता में रोष तो नहीं है,अगर है तो तुरंत खुफिया तरीके से सरकार को खबरें भेजते हैं, तत्पश्चात सरकार उसके मुकाबले के लिए,उसके निपटारे के लिए योजना बनाती है। क्रमशः

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *