मारवाड़ी युवा मंच कटक शाखा का गौरवशाली, स्वर्णिम इतिहास, 12वीं कड़ी,कटक में आयोजित 2-3 सितंबर,1989 की राष्ट्रीय कार्यकारिणी मीटिंग में लिए गए ऐतिहासिक, महत्वपूर्ण फैसले (भाग दूसरा)
नन्द किशोर जोशी,पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच सत्र-1991-94
कटक, ओडिशा की धरती पर सर्वप्रथम अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक आयोजित हुई सितंबर 2-3 ,1989 को ।इस बैठक के पहले पूरी ओडिशा में कहीं भी, किसी भी तरह की अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच की कोई भी बड़ी ,छोटी बैठक आयोजित नहीं हुई थी।
कटक में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक अनेक कारणों से बहुत कामयाब रही।कलिंग जिमनासियम गेस्ट हाउस परिसर में। यहां के परिसर के एक तरफ में स्थित है ऐतिहासिक चंदन तालाब। दूसरी तरफ ऐतिहासिक शहीद भवन। दोनों ही तरफ खुली खुली जगह,जिमनासियम परिसर में भी खुली जगह और साथ में थी हरियाली।
ऐसे में आने वाले सारे युवा मंच के राष्ट्रीय नेतृत्व को जगह बहुत सुंदर लगी , पसंद आयी। यहां के शांत वातावरण में बैठक का आयोजन उन्हें लगा सोने पे सुहागा। यहां बहुत शानदार, दमदार डेलिवेरेशन हुए दोनों ही दिन।
यहीं की बैठक में मंच संबंधित बहुत महत्वपूर्ण, ऐतिहासिक फैसले हुए आने वाले वर्षों में युवा मंच के विकास को लेकर पूरे भारत के लिए। इसके लिए मंच राष्ट्रीय नेतृत्व मुझे अनेक वर्षों तक बोलते रहे कि कटक जैसे शांत वातावरण में जितने ऐतिहासिक डेलिवेरेशन हुए,वे कहीं नहीं हुए मंच के इतिहास में।
सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय कटक की बैठक में यह हुआ कि भविष्य में आयोजित मंच की सभी राष्ट्रीय कार्यकारिणी, राष्ट्रीय सभा, राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन पर राष्ट्रीय गान जन-गण-मन का गान होगा।यह नियम आज तक चल रहा है मंच में।
एक और खास बात यह रही यहां की कि 2 सितंबर को हम लोगों ने एक खुला अधिवेशन आयोजित किया था उसी जगह संध्या समय।इस खुले अधिवेशन में मंच के तमाम सदस्य,समाज बंधुओं की , समाजसेवियों की उपस्थिति बड़ी संख्या में देखी गई।
मंच को संबोधित किए युवा मंच के राष्ट्रीय नेतृत्व। तत्कालीन मुख्यमंत्री की पत्नी तथा कटक लोकसभा सांसद जयंती पटनायक समारोह में मुख्य अतिथि रहीं। उन्होंने होनहार मारवाड़ी युवाओं को सम्मानित किया। उपस्थित युवाओं, समाजसेवियों में उपरोक्त मीटिंग बड़ी कामयाब और सफल साबित हुई।इस मीटिंग के बाद कटक शाखा मारवाड़ी युवा मंच समाजसेवा क्षेत्र में अपनी गहरी जड़ें जमाने में सफल रही शहर में।
एक और खास बात यह रही कि दो दिवसीय सफल आयोजन पर राष्ट्रीय युवा मंच नेतृत्व खुशी से गदगद हुआ। उन्होंने बगल में शहीद भवन को देखा और मुझे बोले कि आप लोग कटक शाखा की तरफ से अगला मंच का राष्ट्रीय अधिवेशन कटक में ही आयोजित करें। मतलब 1991 वाला राष्ट्रीय अधिवेशन कटक में आयोजन करें।
मैंने उनके प्रस्ताव को सुना। उन्होंने मुझे इशारों में यह भी बोला कि आप अगला अधिवेशन कटक में आयोजित करें और आप अगली कमान अध्यक्ष की संभालें। मैंने इस विषय पर मेरे दो तीन साथियों से चर्चा की ,सभी ने बोला प्रस्ताव स्वागत योग्य है और हम कटक में 1991 वाला अधिवेशन आयोजित कर सकते हैं।
लेकिन मैंने मेरी मजबूरी कटक के साथियों को बतायी कि मेरी परिवार, व्यापार संबंधी कुछ मजबूरियां हैं, अतः यह प्रस्ताव, जिम्मेदारी मैं लेने की पोजिशन में नहीं हूं।वही बातें मैंने राष्ट्रीय नेतृत्व को भी बताई। क्रमशः


