मारवाड़ी युवा मंच कटक शाखा का गौरवशाली, स्वर्णिम इतिहास, पांचवीं कड़ी, दिल्ली अधिवेशन की उपलब्धियां
नन्द किशोर जोशी,पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच,सत्र -1991-94
पिछली कड़ी में मैंने अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच के द्वितीय राष्ट्रीय अधिवेशन के बारे में, उसमें कटक के 10 सदस्यों के योगदान के बारे में उल्लेख किया था।यह भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित हुआ था।इस अधिवेशन में हमारे शामिल होने से हमें मारवाड़ी युवा मंच के पूरे स्वरुप को पहचानने, देखने,समझने का मौका मिला।
भारत में मारवाडियों के भविष्य, उनके व्यापार का भविष्य और सर्वोपरि देश के भविष्य के बारे में देखने, सुनने,समझने का सुअवसर प्राप्त हुआ।पूरे भारत को एक सूत्र में बांधे रखने,पिरोने के लिए सेवा को माध्यम बनाया गया। मारवाड़ी युवा मंच की शुरु से सोच रही कि जनता खुशहाल तो भारत खुशहाल,भारत खुशहाल तो मारवाड़ी समाज खुशहाल।इसी नेक सोच के साथ मारवाड़ी युवा मंच कदम दर कदम आगे बढ़ती गयी।
दिल्ली अधिवेशन में भारत की बड़ी बड़ी हस्तियों ने हिस्सा लिया था, डेलिगेशन को संबोधित किया था। इनमें कुछ प्रमुख लोगों में थे जे के इंडस्ट्री ग्रुप के सिएमडि हरिशंकर सिंघानिया।वे अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रेसिडेंट भी थे।
उनसे कटक शाखा के सदस्यों की संक्षिप्त भेंट वार्ता हुई,हाई -टि के समय भोजन कक्ष में।वे बड़ी आत्मीयता से हमसे मिले।उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रेसिडेंट काल में वे एक बार कटक दौरे पर आये थे जांवलियापट्टी स्थित जैन धर्मशाला में 1980 के दशक में, सम्मेलन की किसी बैठक में शामिल होने।
हमारे साथ गये थे कवि प्रीत गोविंद यानी युवा कवि गोविंद शर्मा। चूंकि कवि प्रीत गोविंद हमारे गुरुजी जगदीश प्रसाद शर्माजी के सुपुत्र हैं,इस नाते प्रीत गोविंद की इच्छा अनुसार हमने संध्या समय आयोजित विशाल कवि सम्मेलन में प्रीत गोविंद को भी अन्य बड़े बड़े कवियों संग बैठाने , कविता पाठ कराने में कामयाबी हासिल की।
उपस्थित सारे राष्ट्रीय स्तर के कवियों में सबसे नवागत, युवा,ठींगने कद-काठी के कवि थे कटक के प्रीत गोविंद। उपरोक्त प्रसिद्ध, लोकप्रिय कवि सम्मेलन में भारत के करीब करीब सारे जाने माने कवि पधारे हुए थे। इनमें प्रमुख हैं ओमप्रकाश आदित्य, गजानन वर्मा, अशोक चक्रधर, हरिओम पवार,शैल चतुर्वेदी,शरद जोशी,बाल कवि वैरागी।
पूरे कवि सम्मेलन में सारे कवियों ने अच्छी-खासी कविता पाठ की। सभी के कविता पाठोत्सव में पूरे होल में तालियों की भरपूर गड़गड़ाहट सुनने को मिली थी।जब कटक के युवा कवि प्रीत गोविंद का नंबर आया कविता पाठ के लिए,तब हम सब कटक के साथियों ने बारंबार तालियां बजाईं, हमारी देखा-देखी पूरे होल में तालियों की गड़गड़ाहट सुनने को मिली।
इसतरह कटक युवा मंच के साथियों ने नवागत, युवा, ठींगने कद-काठी के ,दुबले पतले, उपस्थित कवियों में सबसे कम उम्र के कवि को राष्ट्रीय स्तर के कवि मंच पर बैठाने, कविता पाठ करवाने में सफलता पाई,वो भी कटक शाखा के गठन के 3 महीने के अंदर।कटक में युवा मंच शाखा के गठन मीटिंग में सर्वाधिक भीड़, सफलता का एक प्रमाण यहां मिलता है।
कवि सम्मेलन पश्चात डिनर लेकर हम सब धर्मशाला के डेरे पर आगये। हमारे साथ आये वहीं से भारत प्रसिद्ध कवि ओमप्रकाश आदित्य। चूंकि कवि प्रीत गोविंद की इच्छा थी कवि के रुप में आगे बढ़ने की।भारत में कवियों की सबसे बड़ी मंडी है दिल्ली।
सो हमने प्रीत गोविंद के कहने पर कवि ओमप्रकाश आदित्य से गोविंद को कवि के रुप में दिल्ली में रखकर सेटिंग करने का आग्रह किया। हमारे आग्रह को कवि ओमप्रकाश आदित्य ने सहर्ष स्वीकार किया और कटक के नवागत, युवा कवि प्रीत गोविंद दिल्ली के होकर रह गये और वे हमारे साथ वापस नहीं आये कटक।तब से लेकर आजतक यानि 38 साल + होगये प्रीत गोविंद दिल्ली के होकर रह गए। कल की कड़ी में मैं अधिवेशन संबंधित और भी रोचक बातें लिखूंगा,आशा है आपको अभी तक की कड़ियां पसंद आयीं होंगी। क्रमशः

