मारवाड़ी युवा मंच कटक शाखा का गौरवशाली, स्वर्णिम इतिहास, तीसरी कड़ी ,सेवा कार्यक्रम शुभारंभ नेताजी जयंती 23 जनवरी से , रक्तदान शिविर 26 जनवरी,1988 से

नन्द किशोर जोशी,पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच,सत्र 1991-94
6 जनवरी 1988 को मारवाड़ी युवा मंच कटक शाखा का गठन हुआ विधिवत तौर पर।उसके ठीक 17 दिन पश्चात 23 जनवरी को भारत माता के सपूत,कटक के लाल नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती थी। चूंकि कटक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जन्मभूमि है,तो यहां जन्मभूमि पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का जन्मदिन मनाया जाना, कुछ खास कहता है।
सो मारवाड़ी युवा मंच कटक शाखा ने अपने पहले कार्यक्रम का शुभारंभ किया नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जन्मभूमि ओड़िआ बाजार पहुंच कर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर के।इस कार्यक्रम में शाखा के अनेक सदस्य शामिल हुए।
नेताजी का आह्वान था देश वासियों को कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। कटक के लाल नेताजी सुभाष बोस के आदर्श पर चलते हुए सर्वप्रथम मारवाड़ी युवा मंच ने सार्वजनिक तौर पर मारवाड़ी क्लब में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह 1988 सुबह।इसी रक्तदान शिविर से मारवाड़ी युवा मंच ने सेवा कार्य का शुभारंभ किया।
गौरतलब है कि 26 जनवरी 1988 के दिन रक्तदान शिविर में 36 लोगों ने रक्तदान किया। इनमें प्रमुख हैं संगीता अग्रवाल।यह एकमात्र महिला रक्तदाता थीं उस दिन। संगीता अग्रवाल मंच के प्रथम सभापति पुरुषोत्तम अग्रवाल और पूर्व सभापति सज्जन अग्रवाल एडवोकेट की भतीजी हैं और डोक्टर कुश कुमार जाजोदिया की भानजी हैं।
उल्लेखनीय है कि इसके पहले कटक में मारवाड़ी समाज के इतिहास में समाज के लोगों द्वारा संगठित तौर पर कोई भी रक्तदान शिविर का आयोजन नहीं हुआ था। रक्तदान शिविर के आयोजन पर समाज में शुरु में बड़ी मिली-जुली प्रतिक्रिया हुई, कौतूहल हुआ कुछ लोगों में, भिन्न भिन्न तरह की चर्चा हुई।
लेकिन अंत में समाज बंधुओं में मारवाड़ी युवा मंच के रक्तदान शिविर आयोजन को लेकर बड़ी खुशी जाहिर की गई। मारवाड़ी युवा मंच कटक शाखा ने यहीं से सेवा क्षेत्र में अपने झंडे गाड़ने की शुरुआत की। उपरोक्त दोनों ही कार्यक्रमों की विस्तार से रिपोर्टिंग हुई ओड़िआ दैनिक अखबार समाज और दैनिक प्रजातंत्र में फोटो संग। इन्हीं दो शुरुआती कार्यक्रमों के माध्यम से मारवाड़ी युवा मंच समाज में और समाज के बाहर भी अपनी सेवा भावी छवि बनाने में कामयाब हुआ। क्रमशः

