गोवा सरकार ने ‘गोवा प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल तथा अवशेष अधिनियम, १९७८’ के अंतर्गत पुराने गोवा (Old Goa) स्थित ऐतिहासिक ‘हातकातरो स्तंभ’ और फोंडा स्थित ‘मर्दनगढ़’ को अधिसूचना जारी कर संरक्षित स्थल का दर्जा दिया है। हिन्दुओं की कई वर्षों पुरानी मांग को मिली इस सफलता का हिन्दू जनजागृति समिति राष्ट्रीय स्तर पर स्वागत करती है, और इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए गोवा सरकार का हृदय से अभिनंदन करती है। यह जानकारी समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रमेश शिंदे ने दी।

क्रूर पुर्तगाली शासन और ‘इन्क्विजिशन’ के अंधकारमय कालखंड में गोमंतकीय हिन्दुओं पर जो अमानवीय अत्याचार हुए और उन्हें जो क्रूर सजाएं दी गईं, ‘हातकातरो खांब’ उसका एकमात्र जीवंत और प्रातिनिधिक प्रतीक है। धर्म के लिए प्राणलेवा यातनाएं सहने वाले उन स्वाभिमानी हिन्दुओं के बलिदान का स्मरण भावी पीढ़ियों को रहे, इसलिए इस ‘हातकातरो स्तंभ’ का ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षण होना अत्यंत आवश्यक था। इसके लिए हिन्दू जनजागृति समिति ने पिछले कई वर्षों से एक बड़ा संघर्ष किया है। समिति ने इसके लिए सैकड़ों ज्ञापन सौंपे, आंदोलन किए, पत्रकार परिषदें लीं और ‘गोवा क्रांतिदिन’ पर हुतात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित कर इस विषय की ओर सरकार और इतिहास प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया था। अंततः समिति और हिन्दू संगठनों के इस दीर्घकालिक संघर्ष को बड़ी सफलता मिली है।
इसके साथ ही, फोंडा स्थित ‘मर्दनगढ़’ छत्रपति संभाजी महाराज द्वारा गोवा में बनवाया गया एकमात्र किला है, जो महाराज के शौर्य और धैर्य का महान प्रतीक है। इस ऐतिहासिक धरोहर का संवर्धन हो और यह भावी पीढ़ी तक पहुंचे, इसके लिए ‘मर्दनगढ़ संवर्धन समिति’ ने पहल की थी, जिसमें हिन्दू जनजागृति समिति भी सक्रिय रूप से सहभागी है। मर्दनगढ़ को संरक्षित स्मारक घोषित करना भी गोमंतक के हिन्दू संगठनों और इतिहास प्रेमियों द्वारा चलाए गए अभियान की ही सफलता है।

सरकार के इस महत्त्वपूर्ण निर्णय के पश्चात, अब समिति ने यह मांग की है कि ‘हातकातरो स्तंभ’ और ‘मर्दनगढ़ किला’ का वास्तविक इतिहास दर्शाने वाले सूचना फलक उस परिसर में तत्काल लगाए जाएं। इसके अलावा, इन दोनों स्मारकों के ज्वलंत इतिहास को स्कूली पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाए और गोवा के सभी गढ़-किलों के संवर्धन के लिए गोवा सरकार तत्काल स्वतंत्र ‘गढ़-दुर्ग संवर्धन प्राधिकरण’ स्थापित करे, यह आग्रही मांग भी हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रमेश शिंदे ने इस विज्ञप्ति के माध्यम से की है।

