51 सदस्याओं ने एक साथ की सप्तऋषियों एवं अरुंधति माता की दीप आरती, दीपों की झिलमिलाहट ने बनाया मनोहारी दृश्य
कटक, कटक के मानिकघोष बजार स्थित मारवाड़ी क्लब में मंगलवार को कटक मारवाड़ी महिला समिति द्वारा सामूहिक ऋषि पंचमी उद्यापन का आयोजन श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ किया गया। प्रकल्प चेयरपर्सन , समिति तथा ओड़िशा की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती चंदा संतुका के तत्वावधान में एवं समिति की अध्यक्ष श्रीमती मधु नांगलिया के अध्यक्षता में पूरी टीम के सहयोग से आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में कटक एवं भुवनेश्वर से 15 जोड़ों, अर्थात कुल 30 यजमानों ने सामूहिक रूप से ऋषि पंचमी का उद्यापन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9 बजे फलाहार के साथ हुआ। इसके पश्चात विधि-विधानपूर्वक पूजन एवं हवन संपन्न हुआ। कटक के प्रधानाचार्य पंडित विजय शर्मा जी एवं उनकी टीम द्वारा समस्त धार्मिक विधि-विधान संपन्न करवाए गए। वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा मारवाड़ी क्लब परिसर भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम के समापन पर ब्राह्मण भोजन एवं भंडारे का आयोजन किया गया।

आयोजन का विशेष आकर्षण शाम को सप्तऋषियों एवं अरुंधति माता की 8 दीपकों से की गई आरती रही। इस आरती में 61 सदस्याओं ने एक साथ भाग लिया। रात्रि के अंधकार में एक साथ प्रज्वलित दीपकों की झिलमिलाती रोशनी ने पूरे परिसर को आलोकित कर दिया। दीपों की कतार, आरती की भक्तिमय ध्वनि और आध्यात्मिक वातावरण ऐसा मनोहारी दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे, मानो दीपावली का सुंदर दृश्य साकार हो उठा हो।
सामूहिक ऋषि पंचमी उद्यापन में धार्मिक परंपरा के साथ सामूहिक सहभागिता और सेवा-भाव का सुंदर समन्वय देखने को मिला। आयोजन में उपस्थित यजमानों एवं सदस्यों ने कार्यक्रम की सुंदर व्यवस्था, धार्मिक विधि-विधान एवं भक्तिमय वातावरण की सराहना करते हुए इसे अत्यंत आनंदमय एवं स्मरणीय बताया।

आयोजन को सफल बनाने में कटक मारवाड़ी महिला समिति की पूरी टीम, सभी सहयोगी सदस्या तथा पंडित विजय शर्मा जी एवं उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। अध्यक्ष मधु नांगलिया ने सभी का तहेदिल से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया ।
इसी क्रम में कटक मारवाड़ी महिला समिति द्वारा आगामी नवंबर माह में भी दो विशेष सामूहिक धार्मिक आयोजनों की तैयारी की जा रही है। 20 एवं 21 नवंबर को सामूहिक एकादशी उद्यापन एवं तुलसी विवाह तथा 23 एवं 24 नवंबर को सामूहिक पूर्णिमा उद्यापन का आयोजन किया जाएगा। समिति की ओर से इच्छुक श्रद्धालुओं एवं यजमानों से इन आयोजनों में सहभागी बनने का आग्रह किया गया है। इन दोनों आयोजनों को भी श्रद्धा, भक्ति एवं सामूहिक सहभागिता के साथ विशेष रूप से संपन्न कराने की तैयारियाँ की जा रही हैं।

