दिल्ली में कोक्रोचों का फेक आंदोलन
धर्मेंद्र बहाना,मोदी, हिन्दू,भारत निशाना
नन्द किशोर जोशी
एक्जिक्यूटिव एडिटर, क्रांति ओडिशा मीडिया
पिछले साल बंग्लादेश में जेन जि के नाम से फेक हिंसात्मक आंदोलन खड़ा किया गया। अमेरिकी डीप स्टेट की तरफ से छात्रों को आगे करके निर्वाचित प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ फेक हिंसात्मक आंदोलन को खड़ा किया गया। इसमें फोरन फंडिंग जबरदस्त रही। सैंकड़ों हिन्दुओं की जान गई फेक आंदोलन में।
शेख हसीना जान बचाकर भारत आगयी। अमेरिकी डीप स्टेट के आदेशानुसार उनके गुर्गे मोहम्मद यूनुस ने अमेरिका को बंग्लादेश में सेंट मार्टिन पोर्ट दे दिया, जहां से अमेरिका भारत और चीन दोनों पर नजर गड़ाए रखेगा।

बंग्लादेश का वर्तमान प्रधानमंत्री तारिक रहमान भी अमेरिकी डीप स्टेट का मोहरा है। वहां शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को बेन कर दिया गया,शेख हसीना के खिलाफ कंगारू कोर्ट ने हत्या का मामला दर्ज कर फांसी की सजा सुनाई।शेख हसीना आजकल भारत में शरण लिए हुए है।

तत्पश्चात नेपाल में जेन जि के नाम पर पिछले साल आंदोलन, विद्रोह खड़ा किया गया उसी अमेरिकी डीप स्टेट की तरफ से।पूरे नेपाल में अराजकता की स्थिति पैदा की गई। वहां अमेरिकी डीप स्टेट ने चीन के पीठु कम्यूनिस्टों की सत्ता के खिलाफ फेक ,हिंसात्मक आंदोलन चलाया और नेपाल में कम्यूनिस्टों की सरकार धराशाई हो गयी।
नेपाल में काठमांडू के मेयर नचनिया बालेन शाह अमेरिकी हेवि फंडिंग के साथ चुनाव जीत कर सत्ता में काबिज होगये।जब से नचनिया बालेन शाह नेपाल के प्रधानमंत्री की गद्दी पर बैठे हैं,आये दिन अमेरिका के इशारे पर भारत को गरियाते रहते हैं।

अमेरिकी डीप स्टेट की तरफ से अब बारी भारत की आयी है।भारत में आजकल अमेरिकी डीप स्टेट के बड़े मोहरे हैं अरविंद केजरीवाल, राहुल गांधी। राहुल गांधी को अमेरिकी डीप स्टेट ने भारत में गड़बड़ी पैदा करने के लिए बहुत मौके दिए, लेकिन वो ज्यादा कामयाब नहीं हुए।
अतः अब अमेरिकी डीप स्टेट ने कोक्रोंचो के बहाने अरविंद केजरीवाल को भारत में अस्थिरता पैदा करने की सुपारी दी है हेवि फंडिंग के साथ।शातिर अरविंद केजरीवाल भी कोक्रोंचो को लेकर बड़ी योजना बनाये। अरविंद केजरीवाल के साथी मनीष सिसोदिया का चेला है अभिजित दीपके।

अभिजित दीपके अमेरिका से आता है और दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरता है पिछले महीने। उसके उतरते ही दिल्ली पुलिस की तरफ से उसे हवाई अड्डे पर ही जंतर-मंतर पर धरना देने का पर्मिशन दे दिया जाता है कोक्रोचों के लिए। यहां गौर करने की बात यह है कि कोक्रोचों ने जंतर-मंतर पर धरना देने के लिए पुलिस से पर्मिशन मांगा ही नहीं, लेकिन पुलिस ने बिना मांगे अभिजित दीपके को धरना देने के लिए पर्मिशन दे दिया।
जंतर-मंतर पर कोक्रोचों के नाम पर धरना जारी रहा।देश द्रोही वांगचुक को अनशन पर देश द्रोही केजरीवाल ने बैठा दिया।रोज नोटंकी खूब चली। सुबह धरने पर 40-50 आदमी रहते थे , दोपहर भोजन और रात्रि भोजन में सैंकड़ों लोगों का जमावड़ा होता रहा।पैसे की तो कोई कमी थी नहीं।
भारत द्रोही,हिंदू द्रोही,धुर वामपंथी, बंबइया फिल्म के घीसे पीटे मोहरे, शबाना आजमी, नसीरुद्दीन शाह,स्वरा भास्कर, कुनाल काबरा,अरुंधति राय जैसे जिहादियों ने मंच से लगातार मोदी , सनातनियों के खिलाफ मोर्चा खोला। वहां मंच से लगातार सनातन के खिलाफ नारे लगे ,बोले सीता का पति क्या कर लेगा , इंशाअल्लाह, इंशाअल्लाह।
बीच बीच में जेएनयू वाले वामपंथियों ने भी इन कोक्रोचों , वांगचुक के हौसला अफजाई के लिए पहुंचे और नारे लगाए भारत तेरे टुकड़े होंगे, टुकड़े होंगे।अब सवाल यह है कि नीट एक्जाम पेपर लीक मामले को लेकर कोक्रोचों ने जंतर-मंतर पर धरना दिया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।नीट एक्जाम हो गयी, नतीजे घोषित होगये।फिर धरना, प्रदर्शन किस बात का ।
लेकिन केजरीवाल ने तो तथाकथित कोक्रोचों को धरने पर बैठा रखा था। केजरीवाल का उद्देश्य था संसद तक कोक्रोचों का मार्च निकालने का।सो कोक्रोचों ने मार्च निकाला। मनीष सिसोदिया,संजय सिंह मोर्चा बंदी करते रहे कुर्सियों पर बैठ कर।
सपा सांसद डिंपल यादव, दूसरे समाजवादी सांसद भी पहुंचे बहती गंगा में हाथ धोने। सांसद चंद्रशेखर रावण बिजनौर से जिहादियों को बड़ी संख्या में लेकर पहुंचे। फारुख अब्दुल्ला,ओमर अब्दुल्ला पहुंचे कश्मीर सरकार को पुलिस मुहैया कराने और सड़क पर झमेला बढ़ते ही ओटो में सवार होकर नौ दो ग्यारह हो गये।
कोक्रोचों के कल के संसद मार्च आंदोलन में बड़ी संख्या में जिहादी, जेएनयू के प्रोफेशनल देश द्रोही वामपंथी पहले से तैयार होकर बेग में पत्थर लेकर आये, ट्रेक्टर में पहले से ही पत्थर स्पोट पर तैयार रखे गये थे। इन्होंने पुलिस पर पत्थरों की बरसात की।118 पुलिस घायल हुए,इससे आधे से भी कम तथाकथित कोकरोच घायल हुए।
मंत्री जेपि नड्डा संग दो कोक्रोचों की भेंट हुई।लगा जैसे सरकार ने इनकी बातों को गंभीरता से लिया और सहानूभूति दिखाई। लेकिन जंतर-मंतर पर फिर से ये आंदोलनी आज बैठ गये।अब लगता है कि इन फेक आंदोलनियों के खिलाफ सरकार एफआईआर दर्ज कर सख्ती से पेश आयेगी।इन पर सरकार शुरू से ही थोड़ी नरमी बरती, लेकिन ये सारे फेक कोक्रोच, केजरीवाल,सपा नेता , कश्मीरी देशद्रोही एक्सपोज हो गये। वांगचुक को जो मेहनताना मिलना था,मिल गया।अब सरकार की बारी है इन पर कठोरतम , कानूनी कार्रवाई करे।


